1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 07 Feb 2026 01:02:43 AM IST
पप्पू यादव अरेस्ट - फ़ोटो Reporter
Pappu Yadav: इस वक्त की बड़ी खबर पटना से आ रही है, जो पूर्णिया सांसद पप्पू यादव से जुड़ी है। 35 साल पुराने केस में पटना स्थित मंदिरी आवास से पुलिस की टीम ने पप्पू यादव को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। पप्पू यादव बार बार यह कह रहे थे कि उनकी तबीयत ठीक नहीं ह। उन्हें हाउस अरेस्ट किया जाए। सुबह होते ही वो कोर्ट में प्रस्तुत हो जाएंगे लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी।
देर रात पप्पू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अरेस्टिंग के बाद उन्हें मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जाया गया। जब पुलिस पप्पू यादव को गाड़ी में बिठा रही थी तब इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। समर्थकों ने एक सुर में नारा लगाते हुए यह कहने लगे कि पप्पू यादव मत घबराना तेरे पीछे सारा जमाना।
पटना के मंदिरी स्थित आवास पर पुलिस 35 साल पुराने मामले में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को अरेस्ट करने पहुंचीं थी। इस दौरान घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। पप्पू यादव के समर्थक गिरफ्तारी का कारण पूछ रहे थे जिसे लेकर पुलिस के साथ नोंकझोंक हो गई। वही पप्पू यादव वारंट दिखाने की मांग कर रहे थे। वेस्ट एसपी भानु प्रताप सिंह भी पहुंच गए। कहने लगे कि हम कोर्ट के आदेश का पालन करने यहां आए हैं।
पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अभी लोकसभा से आए हैं। प्लेन से अभी पटना उतरे थे। कोर्ट ने कल हमें बुलाया है। हम कोर्ट का सम्मान करते हैं। जैसे ही हम मंदिरी स्थिति अपने आवास पर पहुंचे सिविल ड्रेस में मेरे घर पर एक व्यक्ति आ धमका, जिसने खुद अपना नाम दीपक बताया। उसने कहा कि मैं इंस्पेक्टर हूं। मुझे लगा कि हमसे मिलने आए हैं। हमने कहा कि आप बैठे, मुझे लगा कोई काम होगा तो आए हैं। आते ही कहने लगे कि चलिए चलिए आप पर वारंट है। चलिए मैंने कहा कि मेरा तो लोकसभा सत्र चल रहा है। कहां वारंट है वकील को बुलाने दीजिए।
उन्होंने कहा कि मंदिरी आवास पर जबरदस्ती घुस गए और तभी से ये मुझे टॉर्चर कर रहे हैं। हमको शंका लगी कि यह मरवा तो नहीं देंगे। जिस तरह से यह लोग मेरे साथ कर रहे है, मुझे ऐसा ही लग रहा है ।
पप्पू यादव ने कहा कि यहां के एसपी पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। जिस तरह नीट की छात्र के मामले में कुछ नेताओं के द्वारा मुझे गाली और धमकी दिया जा रहा है। मैं लगातार जहानाबाद और बिहार की बच्ची को लेकर अपनी बात रख रहे हैं। मृतका को न्याय दिलाने की लड़ाई हम लड़ रहे हैं। लोगों को डर पप्पू यादव से है इसलिए मुझे इस तरह से टॉर्चर लगातार किया जा रहा है। हम तो नितीश बाबू और सम्राट चौधरी से भी कहेंगे कि इस मामले को देखें। बदले की भावना से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के पास ना कोई वारंट है और गिरफ्तार करने आवास पर रात में पहुंच गई है। मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मेरा कहना है कि आवास पर ही हाउस अरेस्ट किया जाए और सुबह होते ही मैं न्यायालय में उपस्थित हो जाऊंगा। बिना वारंट के पुलिस में घर पर कैसे आ गई। पुलिस कर्मी कहने लगे कि चलिए-चलिए..मुझे लगा कि कौन मुझे इस तरह से बोल रहा है।
खुद को इंस्पेक्टर कहने वाले दीपक कुमार सिविल ड्रेस में मुझे गिरफ्तार करने आए थे। मैं स्पीकर साहेब, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के तमाम नेताओं से आग्रह करूंगा कि एक एमपी की जान खतरे में है। पुलिस कुछ भी कर सकती है। आप हमें सुरक्षा दें। 35 साल पुराना मामला है। बेल टूट गया था। यह हमारे नॉलेज में यहै बात नहीं थी। पिछले बार भी 40 साल पुराने मामले में मेरी गिरफ्तारी हुई थी जो केस था ही नहीं। मैं राजनीति तो नहीं करूंगा। मैं यह नहीं कहूंगा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दबाव में यह सब हो रहा है। नीतीश जी तो ऐसा काम नहीं करते हैं। मुझे पता है कि पुलिस को पप्पू यादव से बहुत डर है। वह नहीं चाहती कि पप्पू यादव सच बोले। नीट छात्रा मामले में मुझे बोलने से रोक रहे हैं। प्रशासन के लोगों ने मेरे साथ बहुत गलत व्यवहार किया है। वही पुलिस का कहना है कि माननीय न्यायालय के आदेश का हम लोग पालन करने आए हैं। कुर्की जब्ती की अधिपत्र है। हम लोग काम करने आए हैं। हम बस इतना चाहते है कि हम लोगों को काम करने दीजिए। माननीय न्यायालय से आदेश पारित हुआ है इस आदेश का हम लोग अनुपालन करने आए हैं।
बताया जा रहा है कि 35 साल पुराने मामले में गिरफ्तार करने के लिए पुलिस उनके आवास पर पहुंची। धोखाधड़ी कर मकान किराये पर लेने और धमकी देने के एक मामले में एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव समेत तीन आरोपितों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश पिछले दिनों जारी किया था। यह आदेश विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत द्वारा दिया गया था। अदालत ने जिन अन्य आरोपितों के खिलाफ यह आदेश पारित किया था, उनमें शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद शामिल हैं। आरोपितों की लगातार अनुपस्थिति के कारण यह सख्त कदम उठाया गया।
इससे पूर्व अदालत द्वारा तीनों आरोपितों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गिरफ्तारी वारंट और इश्तेहार भी जारी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके आरोपित अदालत में पेश नहीं हुए। यह मामला वर्ष 1995 से जुड़ा है। आरोप के अनुसार, शैलेंद्र प्रसाद नामक व्यक्ति ने शिकायतकर्ता का मकान किराये पर लिया था।
बाद में यह सामने आया कि उक्त मकान को कथित तौर पर धोखाधड़ी पूर्वक सांसद कार्यालय के रूप में उपयोग किया जा रहा था। इस संबंध में शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने गर्दनीबाग थाना में प्राथमिकी संख्या 552/1995 दर्ज कराई थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 फरवरी 2026 की तिथि निर्धारित की है।
पटना से प्रिंस कुशवाहा और सूरज कुमार की रिपोर्ट