1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 18, 2024, 10:17:15 PM
- फ़ोटो
MUZAFFARPUR: चाइल्ड हेल्पलाइन की शिकायत पर मुजफ्फरपुर से सूरत जा रहे 25 बच्चों को जीआरपी ने अवध एक्सप्रेस ट्रेन से उतारा। सभी बच्चों को सुगौली जीआरपी पुलिस स्टेशन लाया गया। जहां जीआरपी ने बच्चों को चाइल्ड केयर भेज दिया। सभी बच्चे किशनगंज और अररिया जिले के रहने वाले हैं। सूरत के मदरसा में पढने के लिए सभी बच्चों को एक शिक्षक अपने साथ ले जा रहे थे।
बताया जाता है कि सूरत के मदरसा में इन बच्चों का एडमिशन हुआ है। बच्चों को सूरत ले जा रहे शिक्षक ने बताया की चाइल्ड हेल्पलाइन के पदाधिकारी को ट्रेन का रिजर्वेशन और आधार कार्ड भी दिखाया गया लेकिन सभी बच्चों को ट्रेन से उतार दिया गया। सभी बच्चे दस से पन्द्रह साल की उम्र के है। जिन्हें सुगौली से मोतिहारी चाइल्ड हेल्प लाइन भेजा गया है।
टीचर का कहना है कि माता-पिता की इजाजत पर बच्चों को सूरत के मदरसा में पढ़ाने के लिए ले जा रहे थे। लेकिन सभी बच्चों को ट्रेन से नीचे उतार दिया गया। पुलिस वालों को कहा कि मोबाइल दे दीजिए मैं आपको अपने प्रिसिंपल से बात करता हूं। लेकिन उनका कहना था कि इन बच्चों को मजदूरी कराने के लिए सुरत ले जाया जा रहा है। सभी बच्चों को जीआरपी थाने ले जाया गया जहां बच्चों से पूछताछ की गयी। टीचर ने बच्चों को पीटे जाने का भी आरोप लगाया।
जबकि मोतिहारी चाइल्ड हेल्पलाइन के पदाधिकारी अभिषेक कुमार का कहना था कि ये बच्चे ट्रेन से यात्रा कर रहे थे संदिग्ध हालत में मिले हैं इनके साथ कोई अभिभावक नहीं था। शक के आधार पर बच्चे को उतारा गया है। सीडब्लूसी के समक्ष सभी बच्चों को प्रस्तुत किया जाएगा जिसके बाद सभी बच्चे अपने घर चले जाएंगे। बच्चे की पिटाई की बात गलत है। जाफरन नामक बच्चे ने बताया कि वो पढ़ने के लिए मुजफ्फरपुर से सूरत के मदरसा में जा रहा था। लेकिन सभी 25 बच्चों को उठाया और मारपीट किया और ट्रेन से उतार दिया गया।








