1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Sat, 07 Feb 2026 06:43:32 PM IST
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Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव- 2025 में ढाका विधानसभा सीट पर हुए रिजल्ट के बाद मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा है. ढाका सीट से राजद प्रत्याशी फैसल रहमान ने 178 वोटों से जीत दर्ज की.परिणाम घोषित होने के बाद बीजेपी प्रत्याशी पवन जायसवाल ने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए पटना उच्च न्यायालय में केस दर्ज किया है. अब इस केस की सुनवाई तेज हो गई है.
ढाका के निर्वाची पदाधिकारी को शपथ पत्र दायर करने का आदेश
पूर्वी चंपारण के जिला निर्वाची पदाधिकारी ने ढाका विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी को पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया है कि ढाका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पवन जायसवाल ने पटना हाई कोर्ट में विधानसभा आम निर्वाचन-2025 से संबंधित याचिका 5/2025 दायर की है. इस याचिका से संबंधित तथ्य/ विवरणी तैयार करते हुए 10 फरवरी 2026 को पटना हाई कोर्ट में उपस्थित हों और शपथ पत्र दायर करें.
ढाका विस सीट पर हुए चुनावी रिजल्ट को लेकर बीजेपी प्रत्याशी पवन जायसवाल ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। पवन जायसवाल द्वारा याचिका दायर करने के बाद क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। केस की सुनवाई शुरू होने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि क्या इस सीट पर फिर से विधानसभा चुनाव होगा ? बीजेपी प्रत्याशी पवन जायसवाल ने अपनी याचिका में आरजेडी विधायक फैसल रहमान को मुख्य प्रतिवादी और इस सीट के रिटर्निंग अधिकारी, जिलाधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी पटना और चुनाव आयोग को सहायक प्रतिवादी बनाया है।
बता दें, ढाका से राजद प्रत्याशी फैसल रहमान ने 178 वोटों से जीत दर्ज की थी। फैसल को 112727 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी पवन जायसवाल को 112549 वोट मिले थे। आरोप है कि 298 ऐसे व्यक्ति के नाम पर वोट डाले गए जो विदेश में रहते हैं. वोटिंग के दिन भी वे विदेश में थे. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति 178 वोटों से चुनाव जीता है,स्वाभाविक तौर पर फर्जी वोट के आरोप लगेंगे.
क्या फर्जी मतदान के आधार पर चुनाव रद्द हो सकते हैं...कानून क्या कहता है?
जानकार बताते हैं कि विदेश में मौजूद व्यक्ति का वोट पड़ना स्पष्ट और सिद्ध है “फर्जी मतदान हुआ है. इसे IPC 171D, 171F तथा Representation of the People Act (RPA), 1951 के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। क्या इस स्थिति में चुनाव रद्द हो सकता है ? दरअसल चुनाव 178 वोट से जीता गया और आरोप है कि 298 फर्जी वोटिंग हुई है. अगर फर्जी वोटिंग नहीं होती तो परिणाम कुछ और होते . RPA 1951 के अनुसार, यदि सिद्ध हो जाए कि बड़ी संख्या में फर्जी वोट डाले गए, और नतीजे पर उसका सीधा प्रभाव पड़ा हाईकोर्ट बड़ा फैसला ले सकता है. चुनाव रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश हो सकता है.
BJP प्रत्याशी पवन जायसवाल ने पटना हाईकोर्ट में जो याचिका लगाई है, उसमें सिर्फ विदेश में रह रहे लोगों के नाम पर ही वोट डाले गए, इसका ही उल्लेख नहीं नहीं किया है, बल्कि देश के अंदर रह रहे लोगों के नाम पर हुई फर्जी वोटिंग के भी आरोप लगाए हैं. याचिका में उल्लेख किया गया है कि 298 वोटर जो विदेश में थे, उनके वोट डाले गए. वहीं 45 मृत वोटरों ने भी वोट डाले. 41 वोटर दोहरे नाम वाले हैं, 1057 वोटर राज्य से बाहर हैं, इनलोगों ने शपथ दिया है कि वे राज्य से बाहर थे. वहीं 3 वोटर जेल में बंद हैं,उनके नाम पर भी फर्जी मतदान हुआ.