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भारत–नेपाल सीमा सड़क परियोजना में देरी पर सख्त कार्रवाई, मंत्री दिलीप जायसवाल ने JKM इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर गिराई गाज

भारत–नेपाल सीमा सड़क परियोजना में काम की धीमी गति पर बिहार सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देश पर JKM इंफ्रा प्रोजेक्ट को बिहार में ठेका लेने से डिबार कर दिया गया है।

Bihar Politics
मंत्री का बड़ा एक्शन
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: बिहार के पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देश पर भारत–नेपाल सीमा सड़क परियोजना को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इस अहम परियोजना में काम की धीमी रफ्तार और तय समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं करने के कारण ठेका लेने वाली कंपनी JKM इंफ्रा प्रोजेक्ट पर गाज गिरी है. पथ निर्माण विभाग ने इस कंपनी को डिबार कर दिया है. यानि ये कंपनी अब बिहार में कोई दूसरा ठेका नहीं ले पायेगी. 


सड़क बनाने में देरी के कारण हुई कार्रवाई 

पथ निर्माण विभाग के अनुसार, JKM इंफ्रा प्रोजेक्ट्स कंपनी को भारत-नेपाल सीमा पर सड़क बनाने का ठेका दिया गया था. इस कंपनी ने राज्य सरकार के साथ जो एकरारनामा किया था उसके मुताबिक 25 अक्टूबर 2025 तक काम पूरा कर लेना था. बाद में समय सीमा को 30 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया. लेकिन काम पूरा नहीं हुआ.


ठेका लेने वाली कंपनी की ओर से की जा रही लापरवाही को देखते हुए पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने उससे स्पष्टीकरण मांगा था. कंपनी की ओर से जो जवाब दिया गया, वह संतोषजनक नहीं पाया गया. इसके बाद कार्यपालक अभियंता से कंपनी को बिहार सरकार का ठेका लेने से डिबार करने की अनुशंसा की थी. उसी के आलोक में JKM इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को डिबार कर दिया गया है. 


मंत्री का सख्त संदेश

पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, खासकर सीमा क्षेत्रों से जुड़ी रणनीतिक परियोजनाओं में. उन्होंने कहा कि देरी से न केवल लागत बढ़ती है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी भी प्रभावित होती है.


अन्य ठेकेदारों के लिए चेतावनी

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अन्य ठेकेदारों के लिए कड़ा संदेश है. सरकारी परियोजनाओं में लापरवाही, देरी या मानकों की अनदेखी करने वाली कंपनियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी. मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि सड़क परियोजनाओं को समय पर, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पूरा कराना उनकी प्राथमिकता है और जनहित से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा.

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता