ब्रेकिंग
Bihar News : RJD स्थापना दिवस पर पोस्टर पॉलिटिक्स! जिन नामों की थी चर्चा वही गायब, शहाबुद्दीन-ओसामा के पोस्टर ने खींचा ध्यानBihar News : सरकारी स्कूलों के सामान खरीद में खेल? फर्जी बिल, बदली तारीखें और पत्नियों के नाम पर फर्म का आरोपBihar News : PM मोदी की सुरक्षा संभालेंगे बिहार के IPS अमित कुमार, SPG में मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानिए कौन हैं ये अफसरBihar News : बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 270 CO का तबादला, देखें आपके जिले के नए अंचल अधिकारी कौनBihar News : स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! बिहार में बदल गया स्कूलों का समयBihar News : RJD स्थापना दिवस पर पोस्टर पॉलिटिक्स! जिन नामों की थी चर्चा वही गायब, शहाबुद्दीन-ओसामा के पोस्टर ने खींचा ध्यानBihar News : सरकारी स्कूलों के सामान खरीद में खेल? फर्जी बिल, बदली तारीखें और पत्नियों के नाम पर फर्म का आरोपBihar News : PM मोदी की सुरक्षा संभालेंगे बिहार के IPS अमित कुमार, SPG में मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानिए कौन हैं ये अफसरBihar News : बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 270 CO का तबादला, देखें आपके जिले के नए अंचल अधिकारी कौनBihar News : स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! बिहार में बदल गया स्कूलों का समय

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का निधन, दिल्ली AIIMS में ली अंतिम सांस

PATNA: दुखद खबर दिल्ली से निकल कर सामने आ रही है, जहां सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का निधन हो गया है। सुलभ इंटरनेशनल के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में मंगलवा

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का निधन, दिल्ली AIIMS में ली अंतिम सांस
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: दुखद खबर दिल्ली से निकल कर सामने आ रही है, जहां सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का निधन हो गया है। सुलभ इंटरनेशनल के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को झंडोत्तोलन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। 


बिंदेश्वर पाठक की पहचान एक बड़े समाज सुधारक के तौर पर है। साल 1970 में उन्होंने सुलभ इंटरनेशनल की स्थापना की थी। स्वच्छता के क्षेत्र में उनके काम की वजह से उनकी खास पहचान थी। इसके लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया था।


77वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित सुलभ इंटरनेशनल के केंद्रीय कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जहां झंडोत्तोलन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। आनन फानन में उन्हें दिल्ली एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया।


बिंदेश्वर पाठक ने राष्ट्रव्यापी स्वच्छता आंदोलन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी पहल से सभी शहरों में सुलभ शौचालयों का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने शौचालयों को साफ करने वाले और मैला ढोने वालों के मानवाधिकारों के लिए काफी प्रयास किया है। बिंदेश्वर पाठक के प्रयास से लाखों वंचित और गरीबों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आए।