बिहार : RTI एक्टिविस्ट के बेटे ने इंसाफ के लिए आत्महत्या का किया प्रयास, पिता की कर दी गयी थी हत्या

बिहार : RTI एक्टिविस्ट के बेटे ने इंसाफ के लिए आत्महत्या का किया प्रयास, पिता की कर दी गयी थी हत्या

MOTIHARI : बिहार में सुशासन के दावे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही न्याय के साथ विकास का नारा देते हो लेकिन मोतिहारी से जो खबर आई है वह बिहार में सुशासन के ऊपर बड़ा सवाल खड़ा करती है. दरअसल, मोतिहारी से आने वाले एक आरटीआई एक्टिविस्ट की हत्या बीते साल सितंबर महीने में कर दी गई थी. अपने पिता की हत्या की साजिश रचने वाले बड़े सफेदपाशों के ऊपर कार्यवाही नहीं होने से दुखी अब आरटीआई एक्टिविस्ट के बेटे ने आत्महत्या का प्रयास किया है. 


आरटीआई एक्टिविस्ट विपिन अग्रवाल की हत्या के बाद उसके बेटे रोहित ने लगातार न्याय के लिए गुहार लगाई लेकिन जब इंसाफ नहीं मिला तो उसने आज आत्महत्या का प्रयास किया. रोहित ने अपने घर के सामने एक तीन मंजिली इमारत से छलांग लगाकर खुदकुशी की कोशिश की है. बताया जा रहा है कि एक निजी नर्सिंग होम की छत पर चढ़कर रोहित ने छलांग लगा दी. गंभीर रूप से घायल रोहित को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 


आपको बता दें कि बीते साल सितंबर महीने में आरटीआई एक्टिविस्ट विपिन अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी. विपिन अग्रवाल को हरसिद्धि प्रखंड कार्यालय के गेट पर अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारी थी. इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया. लेकिन बेटे रोहित की तरफ से लगातार हत्या की साजिश रचने वाले बड़े लोगों पर एक्शन की मांग की जा रही थी. रोहित न्याय की गुहार लगाते हुए एसपी कार्यालय भी पहुंचा था. एसपी ने रोहित से मुलाकात नहीं की थी. पुलिस की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उसने आत्महत्या का प्रयास किया.


विपिन अग्रवाल की हत्या के 5 महीने गुजर जाने के बावजूद पुलिस इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता तक नहीं पहुंच पाई है. आत्महत्या का प्रयास करने से पहले रोहित ने पुलिस को कहा था कि वह दोषियों के ऊपर कार्रवाई करें. तीसरी मंजिल से छलांग लगाने के पहले भी रोहित ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए थे. रोहित के दादा विजय अग्रवाल के मुताबिक पुलिस बड़े लोगों पर हाथ नहीं डाल रही है. 


आपको बता दें कि जिस आरटीआई एक्टिविस्ट विपिन अग्रवाल की हत्या की गई उन्होंने हरसिद्धि बाजार में एक बड़े व्यवसाई के इमारत के निर्माण के लिए दबंगों द्वारा जमीन कब्जे की घटना को उजागर किया था. विपिन ने सूचना के अधिकार कानून के तहत इस मामले का खुलासा किया था कि दबंगों ने किस तरह करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जा कर व्यवसायिक इमारत बना ली. इसके बाद विपिन माफिया और बड़े कारोबारियों की आंख की किरकिरी बन गए थे. सितंबर में उनकी हत्या कर दी गई.