ब्रेकिंग
फूड पॉइजनिंग से 8 बच्चों समेत 10 लोगों की तबीयत बिगड़ी, सभी एक ही परिवार के सदस्यसीएम सम्राट चौधरी ने मेट्रो स्टेशन का किया उद्घाटन, सिर्फ 16 मिनट में मलाही पकड़ी से ISBT तक का सफरपत्थर खदान में हादसा: कर्नाटक में चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत, कई लोग घायल; CM ने जताया दुखबिहार में सनसनीखेज वारदात: बंद कमरे में पति-पत्नी के शव मिलने से हड़कंप, हत्या है या आत्महत्या?50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, जिले के Top10 अपराधियों में है शामिल; डकैती कांड में था फरारफूड पॉइजनिंग से 8 बच्चों समेत 10 लोगों की तबीयत बिगड़ी, सभी एक ही परिवार के सदस्यसीएम सम्राट चौधरी ने मेट्रो स्टेशन का किया उद्घाटन, सिर्फ 16 मिनट में मलाही पकड़ी से ISBT तक का सफरपत्थर खदान में हादसा: कर्नाटक में चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत, कई लोग घायल; CM ने जताया दुखबिहार में सनसनीखेज वारदात: बंद कमरे में पति-पत्नी के शव मिलने से हड़कंप, हत्या है या आत्महत्या?50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, जिले के Top10 अपराधियों में है शामिल; डकैती कांड में था फरार

स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा वाले अध्यादेश को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, मोदी कैबिनेट ने बुधवार को किया था पास

DELHI : देश में कोरोना महामारी के बीच डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के ऊपर हो रहे हमलों पर सख्ती के लिए मोदी सरकार ने एक नया सुरक्षा कानून बनाया है। मोदी कैबिनेट ने इस कानून को अध्

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

DELHI : देश में कोरोना महामारी के बीच डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के ऊपर हो रहे हमलों पर सख्ती के लिए मोदी सरकार ने एक नया सुरक्षा कानून बनाया है। मोदी कैबिनेट ने इस कानून को अध्यादेश के जरिए कल स्वीकृति दे दी थी और अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस पर मुहर लगा दी है। कोरोना वारियर्स पर लगातार हमले को लेकर मोदी सरकार ने सख्त नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। 


कैबिनेट की मंजूरी के बाद बुधवार को ही यह प्रस्ताव राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेज दिया गया था और अब राष्ट्रपति ने इस अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इस अध्यादेश को मंजूरी मिलने के साथ ही अब देश में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर नया कानून प्रभावी हो गया है। इस कानून के तहत स्वास्थ्यकर्मियों पर किसी ने हमला किया तो उसे 7 साल तक की सजा हो सकती है। 


इस नए अध्यादेश के जरिए जो स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर जो नए नियम बनाए गए हैं उसके मुताबिक हमले के मामले में 3 महीने से 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। किसी भी घटना की जांच 30 दिनों के अंदर पूरी करनी होगी और एक साल के अंदर स्पीडी ट्रायल के जरिए फैसला कराया जाएगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए 50 हजार से दो लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अत्यंत गंभीर मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है खास बात यह है कि ऐसे मामलों में एक लाख से लेकर 7 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

टैग्स