राजीव नगर मामले में पटना हाईकोर्ट का निर्देश, फाइनल जजमेंट तक नहीं टूटेगा किसी का घर, पीड़ितों को कराया जाएगा बिजली-पानी उपलब्ध

राजीव नगर मामले में पटना हाईकोर्ट का निर्देश, फाइनल जजमेंट तक नहीं टूटेगा किसी का घर, पीड़ितों को कराया जाएगा बिजली-पानी उपलब्ध

PATNA: राजीव नगर मामले में आज पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक फाइनल जजमेंट नहीं आ जाता तब तक किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा। वही राजीव नगर के पीड़ितों को बिजली और पानी मुहैया कराए जाने का भी निर्देश दिया गया है।


पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने बताया कि राजीव नगर के लोग इस जजमेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। पटना हाईकोर्ट ने मौजूदा स्थिति को बनाए रखने का निर्देश दिया है। जो जैसे पोजिशन में हैं उसी तरह रहेगा। बिजली और पानी का कनेक्शन लोगों को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने आवास बोर्ड के अधिकारियों से जवाब मांगा है कि जब जमीन बेची जा रही थी और कंस्ट्रक्शन का काम हो रहा था तब उस समय क्या कार्रवाई की गयी? इसका जवाब देने का निर्देश कोर्ट ने दिया गया।


कोर्ट ने यह भी पूछा कि राजीव नगर इलाके में अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई रविवार को ही क्यों की गयी? इसे लेकर संडे का दिन ही क्यों चुना गया? घर खाली कराने से पहले लोगों को समय क्यों नहीं दिया गया? आवास बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर के नाक के नीचे यह सब होता रहा। जिस समय कंस्ट्रक्शन हो रहा था तब क्यों नहीं रोका गया? इस मामले पर अगली सुनवाई गुरुवार 14 जुलाई को दोपहर दो बजे होगी। 


कोर्ट ने यह संकेत भी दिया है कि जरूरत पड़ी तो इस मामले की जांच विजिलेंस से करायी जाएगी। जिनके मकान बच चुके हैं उनके मकान को नहीं तोड़ा जाएगा। एक-एक लोगों को नोटिस दिया गया था या नहीं इसकी पूरी रिपोर्ट मांगी गयी है।  जब तक इस पर फाइनल जजमेंट नहीं आ जाता है तब तक किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा। फिलहाल वहां रह रहे लोगों को बिजली और पानी की व्यवस्था कराए जाने का निर्देश दिया गया है। 


बता दें कि पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र के नेपाली नगर में जिला प्रशासन ने 95 अवैध निर्माण को तोड़ दिया। रविवार की सुबह जिला प्रशासन ने नेपाली नगर में 16 बुलडोजर से अवैध निर्माण को ध्वस्त करना शुरू किया था। सोमवार को कोर्ट ने अगले आदेश तक किसी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। बता दें कि नेपाली नगर में अवैध निर्माण को तोड़े जाने को लेकर सोमवार को सत्येंद्र राय, सविता देवी व गजेंद्र कुमार सिंह की याचिका पर न्यायाधीश संदीप कुमार की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। 


पटना के जिलाधिकारी एवं बिहार राज्य हाउसिंग बोर्ड प्रबंधन को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पर हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था। वहीं, मंगलवार को हाईकोर्ट में अपना-अपना पक्ष रखने के लिए जिला प्रशासन, हाउसिंग बोर्ड कार्यालय और नेपाली नगर में गहमागहमी का माहौल था। आज आवास बोर्ड द्वारा जमीन पर कब्जा करने और एक भी किसान का मुआवजा न देने के मामले को सारे तथ्यों के साथ दीघा-आवास बचाओ संघर्ष समिति के वकील पटना हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक फाइनल जजमेंट नहीं आ जाता तब तक किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा तब तक राजीव नगर के पीड़ितों को बिजली और पानी मुहैया कराया जाएगा।