Fake Currency Case : 'लादेन' हुआ अरेस्ट, जाली नोट गिरोह का खुलासा; खुफिया एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

मधुबनी में जाली नोट मामले में पुलिस ने अबुल इमाम उर्फ लादेन को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर जाली नोट गिरोह से जुड़ाव और पाकिस्तानी नागरिक को भगाने का संदेह है। खुफिया एजेंसियां कर रही हैं पूछताछ।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 17 Feb 2026 10:40:06 AM IST

Fake Currency Case : 'लादेन' हुआ अरेस्ट, जाली नोट गिरोह का खुलासा; खुफिया एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

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Fake Currency Case : मधुबनी जिले में जाली नोट के कारोबार को लेकर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली चौक के पास से पुलिस ने अबुल इमाम उर्फ लादेन को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बासोपट्टी थाना में दर्ज कांड संख्या 42/25 के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से जाली नोट के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और इस मामले में उसकी भूमिका बेहद संदिग्ध मानी जा रही थी।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कांड संख्या 42/25 में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी जामल का अबुल इमाम करीबी सहयोगी बताया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले थे, जिनके आधार पर अबुल इमाम को इस गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जा रहा था। बताया जा रहा है कि जामल की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अबुल इमाम का नाम सामने आया था, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।


जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अबुल इमाम कोतवाली चौक इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए थाना लाया गया, जहां उससे जाली नोट गिरोह से जुड़े कई अहम सवाल पूछे जा रहे हैं।


पुलिस का कहना है कि इस मामले में अबुल इमाम न सिर्फ अप्राथमिक अभियुक्त है, बल्कि उस पर एक पाकिस्तानी नागरिक मस्तान को मधुबनी से भगाने का भी संदेह जताया जा रहा है। जांच एजेंसियों को शक है कि जाली नोट गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी कारण इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खुफिया एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया गया है।


सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि जाली नोट कहां से लाए जाते थे, किन-किन इलाकों में इन्हें खपाया जाता था और इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं। साथ ही आरोपी से यह भी पूछताछ की जा रही है कि पाकिस्तानी नागरिक मस्तान के साथ उसका क्या संबंध था और उसे भगाने में उसकी क्या भूमिका रही।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाली नोट का नेटवर्क समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा होता है। इसलिए इस मामले में हर पहलू से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि पूछताछ में कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं, जिनकी गिरफ्तारी भी जल्द संभव है।


इधर, इस गिरफ्तारी के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जाली नोट गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से लोगों में भरोसा बढ़ा है। पुलिस ने भी आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को जाली नोट या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।