1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 17 Feb 2026 08:22:29 AM IST
- फ़ोटो
Bihar Dam Tourism : बिहार में पर्यटन को नई दिशा देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जल संसाधन विभाग ने राज्य के आठ प्रमुख बांध स्थलों एवं जलाशयों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। यह पहल केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय नीति के अनुरूप लागू की जाएगी। सरकार की इस योजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जल संसाधन विभाग द्वारा जिन बांध स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की अनुशंसा की गई है, उनमें दुर्गावती जलाशय, वाल्मीकिनगर बराज, गंगाजी राजगृह जलाशय, खड़गपुर झील, कुंडघाट जलाशय, गरही (अपर किउल) जलाशय, मोरवे जलाशय तथा ओढ़नी डैम एवं फुलवरिया डैम शामिल हैं। इन सभी स्थलों को पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना तैयार की जा रही है।
डैम पर्यटन के समग्र विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय संचालन समिति का गठन किया गया है। इस समिति में जल संसाधन विभाग को नोडल विभाग एवं सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पर्यटन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, ऊर्जा विभाग, गृह विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, पथ निर्माण विभाग तथा ग्रामीण कार्य विभाग सहित कई अन्य विभागों को भी इस योजना से जोड़ा गया है।
संचालन समिति के मार्गदर्शन में संबंधित विभाग अपने-अपने अधीन आने वाले स्थलों के विकास, संचालन एवं रखरखाव के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे। राष्ट्रीय नीति के तहत पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आगंतुकों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही जल आधारित पर्यटन गतिविधियों जैसे नौकायन, प्राकृतिक भ्रमण और एडवेंचर गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह पहल बिहार को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। इन बांध स्थलों के विकास से प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इससे आसपास के क्षेत्रों में होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
इधर, बिहार के बौद्ध पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर भी सरकार सक्रिय है। पर्यटन सचिव निलेश रामचंद्र देवरे ने बताया कि राजगीर, नालंदा, गया और बोधगया के समग्र पर्यटन विकास के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट की घोषणा के अनुरूप इन क्षेत्रों के विकास के लिए कंसल्टेंट द्वारा योजना तैयार कर ली गई है, जिसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।
सोमवार को मुख्य सचिवालय स्थित पर्यटन विभाग कार्यालय में एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में देवरे ने बताया कि सरकार का उद्देश्य इन पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को अधिक समय तक रुकने के लिए आकर्षित करना है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिल सके। एडीबी के प्रतिनिधियों ने भी बताया कि बिहार के बौद्ध सर्किट में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं और इस संबंध में व्यावहारिक अध्ययन रिपोर्ट भी तैयार की जा चुकी है।सरकार की इन योजनाओं से उम्मीद की जा रही है कि बिहार आने वाले वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा और राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।