बिहार मैट्रिक परीक्षा 2026: 15.12 लाख छात्राएं और छात्र आज से देंगे वार्षिक परीक्षा, जूता-मोजा पहनने पर रोक; 1 घंटे पहले सेंटर आना होगा

बिहार में आज से मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 शुरू, 15.12 लाख छात्राएं और छात्र 1699 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। सुरक्षा और मॉडल सेंटर के साथ हाई अलर्ट लागू।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 17 Feb 2026 07:24:59 AM IST

बिहार मैट्रिक परीक्षा 2026: 15.12 लाख छात्राएं और छात्र आज से देंगे वार्षिक परीक्षा, जूता-मोजा पहनने पर रोक; 1 घंटे पहले सेंटर आना होगा

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Bihar matric exam 2026 : बिहार में आज से मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का शुभारंभ हो गया है। इस बार पूरे राज्य में 1699 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 15.12 लाख परीक्षार्थी अपने भविष्य की सबसे अहम जंग लड़ेंगे। खास बात यह है कि इस बार छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है, जो बिहार में बेटियों की शिक्षा में बढ़ती हिस्सेदारी का संकेत देती है।


पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे आयोजित की जाएगी। पहले दिन की परीक्षा में मातृभाषा हिंदी, बंगला, उर्दू और मैथिली शामिल हैं। यह परीक्षा सिलसिला 25 फरवरी तक चलेगा।


सरकार और प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सख्त इंतज़ामात किए हैं। सभी छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। मुख्य गेट 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। निर्धारित समय के बाद जबरन प्रवेश करने वाले छात्रों को दो साल तक परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी संभव है।


सुरक्षा के मद्देनज़र छात्रों को जूते और मोज़े पहनकर आने पर पाबंदी है। ड्रेस कोड की अवहेलना करने वालों को प्रवेश में दिक्कत हो सकती है। हर परीक्षा केंद्र पर CCTV कैमरे और वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई है ताकि नकल पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके।


पटना में लगभग 71 हजार छात्रों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां 4 मॉडल केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें हेल्प डेस्क, बेहतर सजावट, महिला स्टाफ और मजबूत सुरक्षा इंतज़ाम मौजूद हैं। पूरे राज्य में कुल 152 मॉडल केंद्र बनाए गए हैं, जो छात्रों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मुहैया कराएंगे।


इस परीक्षा में सुरक्षा, अनुशासन और समय पालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। छात्राओं की बढ़ती हिस्सेदारी और कड़ी सुरक्षा के बीच यह परीक्षा बिहार में शिक्षा और प्रतिस्पर्धा की नई कहानी लिखने जा रही है।