राजधानी में आज लगेगा राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा, विपक्षी एकता की बैठक में तय होगा PM फेस; इन बातों पर भी होगी चर्चा

राजधानी में आज लगेगा राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा, विपक्षी एकता की बैठक में तय होगा PM फेस; इन बातों पर भी होगी चर्चा

PATNA : बिहार के राजधानी पटना में आज गैर भाजपा दलों का महाबैठक होने वाला है। यह बैठक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में आयोजित करवाई जा रही है। इस दौरान विपक्ष एकजुट होकर एनडीए का मुकाबला करने पर सहमति बनाएगी और देश को एक नया सियासी समीकरण देने की कोशिश में लग जाएगी। परस्पर विरोधी और सामान विचारधारा के दलों का यह समीकरण अगर बना तो फिर एनडीए के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में कड़ी टक्कर मिलने वाली है। इस दौरान तय किया जाना है कि बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दल वन एजेंस्ट वन पॉलिसी पर कैसे काम करेगा। 


दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर आज सुबह 11:30 बजे  विपक्षी दलों की बैठक शुरू होने की संभावना है। यह बैठक लगभग 5 घंटे त चलने के आसार हैं। यह बैठक राउंडटेबल स्वरूप में होगी। इसका संचालन विपक्षी एकता के अगुआ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसका संचालन करेंगे। सबसे पहले अपने संबोधन में वह देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति विपक्षी एकता की आवश्यकता बताएंगे। इसके बाद बारी-बारी से सभी विपक्षी नेता आपने अपनी बात रखेंगे।


वहीं, इस बैठक में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, शरद पवार, सुप्रिया सूले, उद्धव ठाकरे, सीताराम येचुरी, डी राजा,  हेमंत सोरेन, दीपंकर भट्टाचार्य, जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती जैसे बड़े नेता शामिल होंगे। वहीं रालोद नेता जयंत चौधरी पारिवारिक कारणों से नहीं आ रहे हैं।


आपको बताते चलें कि, भाजपा के खिलाफ पटना में एकजुट होने वाले 15 दलों के पास लोकसभा की 153 सीटें हैं, जबकि अकेले भाजपा के पास लोकसभा की 303 सीटें हैं। विपक्षी एकता की मुहिम में शामिल दलों में सर्वाधिक 53 सीटें कांग्रेस के पास हैं। राजद, भाकपा माले और पीडीपी समेत तीन दल ऐसे हैं, जिनके पास एक भी लोकसभा सीट नहीं है। इसके अलावा अन्य 11 दलों के पास 100 सीटें हैं। इनमें सर्वाधिक 24 सीटें डीएमके के पास हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के पास 23, शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के पास 19 और मेजबान जदयू के पास 16 लोकसभा सीटें हैं। विपक्षी दलों की ताकत दल - लोकसभा सांसद कांग्रेस - 53 डीएमके - 24 टीएमसी - 23 शिवसेना - 19 जदयू - 16 एनसीपी - 05 समाजवादी पार्टी - 03 नेशनल कांफ्रेंस - 03 सीपीएम - 03 सीपीआइ - 02 जेएमएम - 01 आप - 01 राजद - 00 पीडीपी - 00 भाकपा माले - 00।