1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 14, 2024, 8:23:36 AM
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PATNA : देश और बिहार के अंदर कई बार यह सुनने को आता है कि पीएम आवास योजना में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। इसके रोकथाम को लेकर सरकार काफी प्रयास भी करती है लेकिन कुछ दिनों तक तो सब कुछ सही रहता है बाद में स्थिति जैसा का तैसा हो जाता है। लिहाजा अब केंद्र सरकार ने इसको लेकर एक नई पहल की है।
दरअसल, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिन लोगों को आवास मिलेगा उनके आंखों की रेटिना की जांच होगी। ताकि लाभुकों के चयन में किसी प्रकार का कोई भी धांधली न हो सके। इसके साथ ही लाभुकों की रेटीना के मदद से आधार कार्ड का मिलान होगा। नए लाभुकों के चैन के लिए जल्द ही राज्य में सर्वेक्षण शुरू होने की उम्मीद है।
वहीं, पीएम आवास योजना के तहत केंद्र सरकार ने साफ किया है कि एक पंचायत में किसी एक कमी से ही सर्वेक्षण करना है इसके लिए पंचायत वार्ड कर्मियों का पंजीकरण कर लिया गया। रजिस्टर्ड कर्मी ही अपने मोबाइल से लाभुकों की आंखों की तस्वीर लेंगे इसके माध्यम से आधार नंबर की पहचान हो जाएगी।इसको लेकर खास सॉफ्टवेयर बनाया गया है पंजीकृत कमी के मोबाइल का कोई दूसरा उपयोग नहीं कर सकेगा।
घर-घर जाकर लाभुकों की पहचान संबंधित कर्मी द्वारा की जाएगी इसी आधार पर लाभकों की नई सूची बनेगी जिस पर ग्राम सभा में सहमति प्राप्त की जाएगी। इधर सूची का अंतिम प्रकाशन होगा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी इस संबंध में बताते हैं कि पूर्व में बनी सूची में फर्जी नाम होने की शिकायतें मिलती थी आवास की स्वीकृति और राशि भुगतान के समय जांच में यह मामला पकड़ में आता था इसको लेकर यह नया नियम लाया गया है।