1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 07, 2024, 5:18:39 PM
- फ़ोटो
PATNA: BPSC अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद प्रतिनिधिमंडल जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से मिलने पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद प्रशांत किशोर ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। वही बिहार सरकार के रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है उसका एक कैरेक्टर रहा है, जब कोई भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बातों को रखने आता है तब सरकार का सबसे आसान तरीका लाठीचार्ज बन जाता है। जिसकी मैं घोर निंदा करता हूं। लाठीचार्ज लोकतंत्र में कहीं से भी सही नहीं है। अगर किसी भी अधिकारी ने लाठीचार्ज किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि वह दोषी है।
इस लाठीचार्ज में एक बच्चे का पैर टूट गया है और हम लोग लगातार कोशिश कर रहे हैं कि उसे हमारी तरफ से जो भी संभव मदद हो सके वह पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। यह पूरा मामला नॉर्मलाइजेशन को लेकर है। सरकार इस मामले में इसलिए दोषी है क्योंकि उसने समय रहते इस पूरे मामले को लिखित में क्लियर नहीं किया। जब हंगामा हो गया घटना घट गई तब सरकार अब लिखित में इस बात को क्लियर कर रही है कि ऐसी कोई बात नहीं है।
नॉर्मलाइजेशन का कोई मामला नहीं है और एक ही समय एक ही पेपर पर सारा एग्जाम होगा। तो अब यह पूरा मामला खत्म हो चुका है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार की लापरवाही से यह सारा मामला उलझा है। कल की जो घटना घटी है वह सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाती है। समय रहते किसी भी काम को सरकार पूरी तरह से कंप्लीट नहीं करती और उसके बाद इस तरह की घटनाएं घट जाती है।