1st Bihar Published by: Updated Wed, 17 Jun 2020 07:08:57 AM IST
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PATNA : राजधानी पटना में रहने वाले लोगों के लिए पटना नगर निगम सुविधाओं को लेकर भले ही टोटा रखे लेकिन टैक्स वसूली में वह पीछे नहीं रहता। पटना नगर निगम ने अब राजधानी क्षेत्र के 2 लाख 39 हजार मकान मालिकों से से बढ़ा हुआ होल्डिंग टैक्स वसूलने का फैसला किया है। निगम ने फैसला किया है कि होल्डिंग टैक्स के साथ-साथ अब गार्बेज कलेक्शन टैक्स यानी कचरा उठाओ का शुल्क लिया जाएगा।
पटना नगर निगम की सशक्त स्थाई समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब सामान्य मकानों से 30 रुपये मासिक कचरा उठाओ शुल्क लिया जाएगा जबकि व्यवसायिक भवन और विवाह भवन और कम्युनिटी हॉल के साथ-साथ अन्य संस्थानों से शुल्क वसूली की दर ज्यादा होगी पटना नगर निगम के आयुक्त हिमांशु शर्मा ने कहा है कि प्राथमिक चरण में निगम रजिस्टर्ड मकानों को ही इस बारे में लाएगा जबकि दूसरे चरण में इन मकानों के अंदर रहने वाले किरायेदारों से भी टैक्स वसूला जाएगा। निगम को उम्मीद है कि गार्बेज कलेक्शन टैक्स उससे तकरीबन 12 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी होगी।
निगम ने गार्बेज कलेक्शन टैक्स को लेकर जो रेट जारी किया है उसके मुताबिक आवासीय भवन से हर किचन के मुताबिक ₹30 मासिक, दुकानों से ₹100, रेस्टोरेंट्स गेस्ट हाउस धर्मशाला और होटलों से ₹500, स्टार होटलों से ₹5000, व्यवसाई कार्यालय सरकारी कार्यालय बैंक बीमा कार्यालय कोचिंग शिक्षण संस्थान से ₹500, क्लीनिक और डिस्पेंसरी से ₹100, 50 बेड तक वाले क्लीनिक से ₹1500, 50 से ऊपर वाले क्लीनिक से ₹3000, छोटे और मध्यम उद्योग से ₹500, गोदाम कोल्ड स्टोरेज से ₹1000, मैरिज हॉल फेस्टिवल हॉल एग्जीबिशन से ₹2500 मासिक से गार्बेज कलेक्शन टैक्स लिया जाएगा। हालांकि निगम ने स्पष्ट तौर पर आदेश में कहा है कि गरीबी रेखा से नीचे बसर करने वाले घर, स्ट्रीट वेंडर, धार्मिक स्थलों को इससे टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।