पहले चरण के लिए महागठबंधन और NDA के नेताओं ने की ताबड़तोड़ सभाएं, तेजस्वी के 47 सभाएं बदलेगी वोटरों का मियाज

पहले चरण के लिए महागठबंधन और NDA के नेताओं ने की ताबड़तोड़ सभाएं, तेजस्वी के 47 सभाएं बदलेगी वोटरों का मियाज

PATNA : बिहार में 19 अप्रैल को पहले चरण के चार सीटों पर मतदान होना। इनमें जमुई, औरंगाबाद गया और नवादा सीट शामिल है। इन सीटों पर चुनाव प्रचार के लिए दोनों गठबंधनों ने ताबड़तोड़ सभा की है ।चुनाव प्रचार में एड़ी - चोटी का दम लगाया गया है। इंडी और एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं ने अपने-अपने उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार किया ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि इन चुनावी सभाओं के बाद वोटरों पर क्या असर पड़ा है?


दरअसल, बिहार में पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार करने की शुरुआत खुद पीएम मोदी ने जमुई से की। पहले चरण के चार सीटों के लिए पीएम मोदी तीन दफे बिहार आए। जिसमें से दो सभाओं में उनके साथ बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। जहां पीएम ने लालू परिवार पर जमकर हमला बोला और लोगों से यह अपील की की अब लालटेन से मोबाइल चार्ज करने का जमाना नहीं है।


वही बात यदि महागठबंधन करें तो इस घटक दल की ओर से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ताबड़तोड़ सभाएं की है। पहले चरण के लिए बुधवार तक तेजस्वी यादव में 47 चुनावी सभाएं की है। इस दौरान के साथ विप सुप्रीमो मुकेश साहनी भी मौजूद रहे। उनके चुनावी सभा के दौरान एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसको लेकर सियासत काफी गर्म हुई। हालांकि तस्वीर अपनी चुनावी सभा में मुख्य रूप से 17 महीनों के कार्यकाल की चर्चा की है।


वहीं , एनडीए और महागठबंधन के इन चुनावी सभा के बाद दोनों तरफ से मैदान मारने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों का फैसला तो 19 अप्रैल को जनता को करना है। लेकिन, इतना तय है कि जिस तरह से तेजस्वी यादव ने अपनी सभा में रोजगार के मद्दे को उठाया है उससे कुछ हद तक युवा मतदाता जरूर प्रभावित नजर आ रहे हैं। हालंकि, बीते कल पीएम मोदी के चुनावी जनसभा से वोटरों का मन और मियाज काफी बदल भी सकता है। लिहाजा, साफ़ -साफ़ लहजे में कहें तो इन सभी सीटों पर इतनी चुनावी जनसभा के बाद ही काटों की टक्कर देखने मिल सकता है। 


उधर, राजनाथ सिंह और अमित शाह के अलावा योगी की जनसभा से औरंगाबाद में माहौल एनडीए के पक्ष में काफी झुका हुआ नजर आ रहा है। इसकी वजह योगी के तरफ से अपने जनसभा में चेतवानी भरे लहजे में राजद पर हमला बोलना बताया जा रहा है। लेकिन, इसके बाद लालू यादव का संविधान बदलने वाला वीडियो सामने आने से खेल काफी रोचक मालूम पड़ रहा है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री से लेकर दूसरे राज्य के सीएम से जनसभा करवाना कितना फादेमंद साबित हुआ और लालू के एक्टिव होने से माहौल बदला या नहीं इसकी जानकारी पहले चरण के मतदान के बाद भी मालूम चल सकेगा।