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Patna News: मिलावटी खाद्य पदार्थों की अब पटना में होगी जांच, 19 करोड़ की लागत से शुरू की गयी अत्याधुनिक प्रयोगशाला: मंगल पांडेय

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 14, 2024, 3:52:08 PM

Patna News: मिलावटी खाद्य पदार्थों की अब पटना में होगी जांच, 19 करोड़ की लागत से शुरू की गयी अत्याधुनिक प्रयोगशाला: मंगल पांडेय

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PATNA: मिलावटी खाद्य सामग्रियों की जांच अब पटना में होगी। पटना में 19 करोड़ की लागत से अत्याथुनिक प्रयोगशाला शुरू की गयी है। इस बात की जानकारी बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दी। इससे पहले उन्होंने राज्य के पहले संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला में माइक्रोबायोलॉजी लैब और उच्चस्तरीय उपकरण अनुभाग का विधिवत उद्घाटन किया।


पटना के अगमकुंआ में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के पहले संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला में माइक्रोबायोलॉजी लैब और उच्चस्तरीय उपकरण अनुभाग का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक कदम राज्य सरकार के उस संकल्प को साकार करता है, जिसमें बिहार के आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, मानक स्तर के खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। 


देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा जी के प्रयासों से यह राज्य का पहला और देश का 13वां लैब है। जिसमें 6 करोड़ की लागत से तीन उच्च कोटि के उपकरणों को लगाया गया है। जिनके अगले पांच वर्षों में रख रखाव और मानव बल पर 5 करोड़ खर्च होगा। यह पूरी योजना लगभग 19 करोड़ की लागत से शुरू की गई है।


मंगल पांडेय ने कहा कि स्वस्थ आहार ही सुरक्षित जीवन का आधार है और इसी सोच के साथ राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रही है।  संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, अगमकुआं 1980 से खाद्य पदार्थों के रासायनिक परीक्षण में सक्रिय है। अब माइक्रोबायोलॉजी लैब और आधुनिक उपकरणों के जुड़ने से यह प्रयोगशाला विश्वस्तरीय बन गई है। यह राज्य की एकमात्र एनएबीएल और भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला है।  


इस प्रयोगशाला में अब तीन प्रमुख प्रकार की जांच रासायनिक परीक्षण, उच्चस्तरीय उपकरणों द्वारा परीक्षण और सूक्ष्मजीवाणु परीक्षण उच्चस्तरीय उपकरणों के द्वारा किया जा रहा है। इस अत्याधुनिक लैब में खाद्य पदार्थों में पेस्टीसाइड और वसा की मात्रा जांच, एंटीबायोटिक, माइकोटॉक्सिन, और रंजकों की पहचान की जांच और भारी धातुओं (जैसे लेड, कैडमियम) की जांच हो रही है।


मंगल पांडेय ने कहा कि नई माइक्रोबायोलॉजी लैब की मदद से दूध, दूध उत्पाद, मांस, मछली और बोतलबंद पानी आदि की जांच की जा रही हैं। राज्य के पटना समेत सभी 9 कमिश्नरी में ऐसे और लैब खोलें जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के पांच प्रमंडलों (पटना, मगध, तिरहुत, भागलपुर और पूर्णिया) में पहले से चल रहे चलंत खाद्य प्रयोगशाला वाहन के दायरे को बढ़ाने का प्रस्ताव भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण को भेजा गया है। 


जल्द ही प्रत्येक जिले में इन वाहनों की तैनाती होगी, जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जाँच और सख्ती से हो सकेगी।  राज्य सरकार न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में बल्कि दूषित खाद्य पदार्थों से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने में भी सक्रिय है। भविष्य में राज्य के अन्य जिलों में भी नई खाद्य प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी।  यह प्रयोगशाला राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो गुणवत्तापूर्ण, शुद्ध, और पोषक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के प्रति समर्पित है। इस कार्यक्रम के दौरान माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने 10 फूड सेफ्टी ऑफिसर को डेस्कटॉप का भी वितरण किया।

इस कार्यक्रम में श्रीमती सीता साहू, मेयर, पटना, संजय सिंह, सचिव, स्वास्थ्य विभाग, डॉ. अजय प्रकाश गुप्ता, निदेशक, गुणवत्ता आश्वासन प्रभाग, एफएसएसएआई, नई दिल्ली, अमिताभ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव, सुरेन्द्र राय, विशेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, डॉ. ऊषा कुमारी, प्राचार्य एनएमसीएच, डॉ विनोद कुमार, अधीक्षक, एनएमसीएच के साथ अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।