1st Bihar Published by: Updated Feb 10, 2020, 7:10:39 AM
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PATNA : राज्य में 17 फरवरी से। होने वाली नियोजित शिक्षकों की हड़ताल के पहले ही शिक्षक संगठन आप ही टूट का शिकार हो गए हैं। 17 फरवरी से होने वाली हड़ताल में कई संगठन संविदाकर्मियों को भी साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं तो वही टीईटी शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने हड़ताल में शामिल होने से इंकार कर दिया है। वहीं बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने दावा किया है कि 17 फरवरी से सभी शिक्षक संघ हड़ताल पर जाएंगे।
टीईटी एसटीईटी टीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पांडे और प्रवक्ता अश्विनी पांडे ने कहा है कि बिहार के नियोजित शिक्षक केवल अपने लिए ही नहीं बल्कि नियोजनवाद को खत्म करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संविदाकर्मियों को स्थाई और उचित वेतनमान देने की लड़ाई लड़ी जा रही है लिहाजा संविदाकर्मी भी 17 फरवरी से शुरू हो रहे हड़ताल का समर्थन करें। वहीं टीईटी शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने कहा है कि टीईटी शिक्षकों की लड़ाई शिक्षामित्रों से अलग है। टीईटी शिक्षक शिक्षा के अधिकार के तहत बहाल हुए हैं उनके पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को सुझाव दिया था। लिहाजा संविदाकर्मियों की हड़ताल से जोड़कर इसे देखना सही नहीं होगा। टीईटी शिक्षक संघर्ष समिति ने कहा है कि राज्य के टीईटी शिक्षक 27 फरवरी से हड़ताल पर जाएंगे। उसके पहले 15 फरवरी को पटना में महाधरना का आयोजन किया जाएगा। टीईटी शिक्षकों ने खुद को 17 फरवरी की हड़ताल से अलग कर दिया है।
उधर नियोजित शिक्षकों की हड़ताल को लेकर सरकार ने पहले ही कड़े तेवर अख्तियार कर रखे हैं। मैट्रिक परीक्षा को बाधित करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई को लेकर विभाग ने पहले ही दिशा निर्देश जारी कर दिया है।