ब्रेकिंग
बेगूसराय गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी नीतीश और मक्का मदीना गिरफ्तारकटिहार में 'फर्जी सिपाही' गिरफ्तार, खाकी का रौब दिखाकर लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा था सुशील पटना में भीषण गर्मी का असर, 8वीं तक के सभी स्कूल 27 जून तक बंदबेगूसराय गैंगरेप कांड का खुलासा: मुख्य आरोपी नीतीश समेत दो गिरफ्तार, SIT ने UP से दबोचा; तीन अब भी फरार70 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या, पहले भी परिवार के दो लोगों का हो चुका है मर्डर; जांच के लिए SIT गठितबेगूसराय गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी नीतीश और मक्का मदीना गिरफ्तारकटिहार में 'फर्जी सिपाही' गिरफ्तार, खाकी का रौब दिखाकर लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा था सुशील पटना में भीषण गर्मी का असर, 8वीं तक के सभी स्कूल 27 जून तक बंदबेगूसराय गैंगरेप कांड का खुलासा: मुख्य आरोपी नीतीश समेत दो गिरफ्तार, SIT ने UP से दबोचा; तीन अब भी फरार70 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या, पहले भी परिवार के दो लोगों का हो चुका है मर्डर; जांच के लिए SIT गठित

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी सख्त: 200 भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों की डिजिटल फाइल तैयार; SP के नेतृत्व में विशेष टीम गठित

Bihar News: बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ निगरानी सख्त हो गई है. राज्य के 200 भ्रष्ट अफसरों की डिजिटल फाइल तैयार की गई है. स्पीडी ट्रायल और फॉरेंसिक तकनीक से मामलों में तेजी लाने की तैयारी की जा रही है.

Bihar News
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई को सख्त कर दिया है। राज्य के लगभग 200 भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों की डिजिटल फाइल तैयार कर ली गई है। इसके लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने खास तकनीक और मशीनरी का इस्तेमाल किया है।


भ्रष्टाचार मामलों में अक्सर सबूतों में छेड़छाड़ और सुनवाई में देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। लेकिन अब ओपन टेक्स्ट फॉरेंसिक इमेजर मशीन की मदद से जब्त किए गए पेन ड्राइव, डॉक्यूमेंट और अन्य डिजिटल एविडेंस का सटीक क्लोन तैयार किया जा रहा है। इस मशीन की लागत 7 लाख रुपए है और इसके जरिए डेटा में किसी तरह का बदलाव या क्षति संभव नहीं है।


निगरानी टीम ने इस तकनीक के माध्यम से 200 घूसखोर अफसरों और कर्मियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार की है। एक्सपर्ट और टेक्नीशियन्स की विशेष टीम इस पूरे सिस्टम का संचालन कर सबूतों को सुरक्षित रखने और कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया को मजबूत बना रही है।


स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करने के लिए एसपी के नेतृत्व में 10 अधिकारियों की विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें डीएसपी और इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। टीम का उद्देश्य मामलों की लगातार मॉनिटरिंग करना और गवाहों की समय पर पेशी सुनिश्चित करना है, ताकि सुनवाई में देरी न हो।


निगरानी टीम ने कोर्ट को 200 आरोपित अफसरों की लिस्ट भी सौंप दी है। पिछले 25 सालों में पहली बार साल 2025 में सबसे अधिक 29 घूसखोर अफसरों और कर्मियों को सजा दी गई, जिसे इस सख्त निगरानी और समन्वित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता