1st Bihar Published by: PRIYARANJAN SINGH Updated Feb 09, 2020, 7:03:34 PM
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SUPAUL : सूबे के पांच लाख शिक्षकों ने 17 फरवरी से हड़ताल पर जाने का पक्का मन बना लिया है। शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि धमकी देकर सरकार शिक्षकों को डरा नहीं सकती । सरकार अगर समान काम समान वेतन पर शिक्षकों की मांग नहीं मानती तो सूबे के 75 हजार स्कूलों में तालाबंदी तय़ है। साथ ही शिक्षक इस दौरान मैट्रिक परीक्षा, इंटर और मैट्रिक परीक्षा का मूल्यांकन, जनगणना आदि सभी काम का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
सुपौल में आयोजित बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ की बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार की शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीति के कारण बिहार के लाखों शिक्षक आन्दोलन पर उतारू होने के लिए बाध्य है। उन्होनें कहा कि सरकार से बारंबार समस्याओं के समाधान हेतु अनुरोध किया गया, लेकिन सरकार की हठधर्मिता ने बिहार के पांच लाख शिक्षकों को हड़ताल पर जाने के लिए विवश किया है।उन्होनें कहा कि समान काम समान वेतन और राज्यकर्मी का दर्जा समेत अन्य मांगे पूरी नहीं होती हैं तो हड़ताल पर जाना तय है।
पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले हड़ताल को लेकर संघ भवन में हुई निर्णायक बैठक में 17 फरवरी से तालाबंदी करने का निर्णय लिया गया है। उन्होनें कहा कि हड़ताल के दौरान मैट्रिक परीक्षा का बहिष्कार, मैट्रिक और इंटर परीक्षा मूल्यांकन का बहिष्कार ,बी एल ओ और जनगणना कार्य को ठप कर बिहार के पांच लाख नियोजित व नियमित माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षक हड़ताल पर रहेंगे।