नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: अब चूल्हा नहीं LPG पर बनेगा आंगनबाड़ी में खाना, हिंदी में भी दायर की जा सकती है एफिडेविट

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: अब चूल्हा नहीं LPG पर बनेगा आंगनबाड़ी में खाना, हिंदी में भी दायर की जा सकती है एफिडेविट

PATNA : बिहार की नीतीश सरकार ने आंगनबाड़ी केदो पर काम करने वाली सेविकाओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि,अब राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर चूल्हे के जरिए नहीं बल्कि एलपीजी सिलेंडर के जरिए खाना बनाया जाएगा। इसको लेकर राज्य सरकार के तरफ से सभी तैयारी कर ली गई है। अब जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। 


दरअसल, नीतीश कैबिनेट ने फैसला किया है कि अब राज्य में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे सुधा दूध पिएंगे। इसके साथ ही अब तक जो लकड़ी और गोइठे से आंगनबाड़ी केंद्रों पर खाना नहीं बनेगा। अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार एलपीजी गैस सिलेंडर मुहैया कराएगी। आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को सुधा मिल्क पाउडर के दूध दिए जाएंगे। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक बच्चे को 100 एमएल दूध मिलेगा। 


वहीं, राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अब पटना हाईकोर्ट में अब सिर्फ हिंदी में भी एफिडेविट दायर की जा सकती है। इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके साथ ही देश की मातृभाषा को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आम लोगों को चीज़ें समझने में आसानी होगी। इसके अलावा रसोइयों का मानदेय 13 हजार 110 से 15 हजार 100 किया गया है। 


इसके आलावा शिक्षा सेवक का मानदेय बढ़ा है। 11 हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर इसे 22 हजार कर दिया गया है. हर वर्ष 5 फीसद वार्षिक वृद्धि होगी। विकास मित्रों के मानदेय में भी इजाफा किया गया है। 13 हजार 700 प्रति माह से बढ़ाकर 25 हजार किया गया है।  सैप (SAP) जवानों के मानदेय में भी इजाफा किया गया है। जूनियर कमीशंड ऑफिसर को 20 हजार 700 की जगह अब 23 हजार 800 रुपये मिलेंगे. वहीं सैप जवानों का मानदेय 17 हजार 250 से बढ़ाकर 19 हजार 800 कर दिया गया है।