जेडीयू के कार्यकर्ताओं से अकेले में मिलेंगे नीतीश: हर हफ्ते पार्टी कार्यालय में बैठने का किया एलान

जेडीयू के कार्यकर्ताओं से अकेले में मिलेंगे नीतीश: हर हफ्ते पार्टी कार्यालय में बैठने का किया एलान

PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अकेले में मिलेंगे. नीतीश ने घोषणा कर दिया है कि वे जल्द ही पार्टी दफ्तर में बैठना शुरू करेंगे. हर सप्ताह वे पार्टी कार्यालय में बैठेंगे और कार्यकर्ताओं से वन टू वन बातचीत करेंगे. वैसे नीतीश ने कुछ ऐसा ही एलान 2020 के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी किया था. कुछ दिनों तक वे पार्टी दफ्तर आते भी रहे लेकिन बाद में सब पहले जैसा हो गया.


नीतीश का एलान

दरअसल शुक्रवार को जेडीयू के राज्य पर्षद की बैठक थी. इस बैठक में पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अपने भाषण में नीतीश कुमार से आग्रह किया कि वे पार्टी के कार्यकर्ताओं से अकेले में मिलें. ताकि कार्यकर्ता उन्हें सरकार से लेकर संगठन की बातें खुलकर बता सकें. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इससे पार्टी और मजबूत होगी.

इसके बाद भाषण के लिए आये नीतीश कुमार ने कहा कि वे हर सप्ताह पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बैठेंगे. लेकिन ये सिलसिला पार्टी के सांगठनिक चुनाव के बाद शुरू करेंगे. फिलहाल पार्टी में सांगठनिक चुनाव चल रहा है. जब राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी तब नीतीश पार्टी दफ्तर में बैठना शुरू करेंगे. नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा से कहा कि वे भी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान मौजूद रहें. हालांकि कुशवाहा ने कहा कि नीतीश अकेले में लोगों से मिलें ताकि सब खुलकर अपनी बात कह सकें. 


कितने दिनों तक चलेगा सिलसिला

नीतीश कुमार ने पार्टी दफ्तर में बैठकर कार्यकर्ताओं से अकेले में मिलने का एलान तो कर दिया है लेकिन सवाल ये है कि ये सिलसिला कितने दिनों तक चलने वाला है. दरअसल 2020 में जब नीतीश कुमार को विधानसभा चुनाव में करारी हार मिली तब भी उन्होंने ये एलान किया था कि पार्टी कार्यालय में आकर कार्यकर्ताओं-नेताओं से मिलते रहेंगे. दो-तीन महीने तक ये सिलसिला चला भी लेकिन उसके बाद सब कुछ पहले जैसा हो गया. दरअसल सत्ता में आने के बाद नीतीश कुमार कम से 6 दफे ये एलान कर चुके हैं कि वे पार्टी कार्यालय में बैठकर आम कार्यकर्ताओं और नेताओं से बात करेंगे. कुछ दिनों तक ये कार्यक्रम चलता है और फिर सब पहले जैसा हो जा रहा है.