1st Bihar Published by: SANT SAROJ Updated Oct 11, 2022, 9:30:44 PM
- फ़ोटो
SUPAUL: रिश्ते को शर्मसार कर देने वाली घटना बिहार के सुपौल जिले से इस वक्त आ रही है जहां एक कलयुगी बाप ने अपने ही हाथों बेटे का कत्ल कर डाला। ऐसा करते वक्त उसका हाथ भी नहीं कांपा। सात साल के बेटे का हाथ-पैर बांधकर इसने कोसी नदी में फेंक दिया। नदीं में डूबने से मासूम की मौत हो गयी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बाप को गिरफ्तार कर लिया है वही एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर बच्चे के शव को बरामद कर लिया है। कलयुगी बाप की इस करतूत से ग्रामीण भी काफी आक्रोशित हैं। इस घटना की चर्चा पूरे गांव में हो रही है।
घटना सुपौल जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव का है जहां एक निर्दयी बाप की खौफनाक करतूत सामने आई है। जिसने अपने सात वर्षीय मासूम बेटे को हाथ पैर बांधकर कोसी नदी में फेंक दिया। आस-पास के लोगों को जब इस घटना की जानकारी हुई तो इसकी शिकायत लेकर पुलिस के पास गये जिसके बाद एनडीआरएफ ने तीन दिनों तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। एनडीआरएफ को आज बच्चे का शव मिला। जिसके बाद शव को किशनपुर पुलिस के हवाले किया गया।
किशनपुर पुलिस ने पहले शव का पोस्टमार्टम कराया फिर उसे परिजनों के हवाले कर दिया। किशनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बाप को गिरफ्तार कर लिया। घटना बीते शनिवार की है बताया जाता है कि पत्नी से विवाद होने के बाद पति ने इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपी बाप पुलिस के गिरफ्त में है। खुद आरोपी गणेश यादव ने अपना गुनाह कबूला है। उसने बेटे दिलखुश को कोसी नदी में फेंकने की बात कही है।
आरोपित गणेश यादव ने पुलिस को बताया कि जिसे उसने नदी में फेंका वो उसका बेटा नहीं था। आरोपी गणेश ने बताया कि उसने दो शादियां कर रखी है। पहली से कोई बाल-बच्चा नहीं हुआ तब उसने दूसरी शादी की थी। दूसरी पत्नी से तीन बेटी हुआ और एक बेटे हुआ। लेकिन तीनों बेटियां मेरी है जबकि बेटा मेरा नहीं है। वह उसका नाजायज पुत्र था। उसने अपनी दूसरी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाये। इसी बात को लेकर अक्सर दूसरी पत्नी के साथ उसकी लड़ाई होती थी।
वह जब भी कहता कि वह उसका बेटा नहीं है तो पत्नी आगबबूला हो जाती थी। शनिवार को गणेश यादव अपने बेटे को आधार कार्ड बनाने के नाम पर बाजार ले गया था। देर रात जब घर लौटा तो उनके साथ बेटा दिलखुश नहीं था। दिलखुश की मां मुंद्रिका देवी ने आस-पास के ग्रामीणों को इस बात की जानकारी दी और थाना में आवेदन देकर पति पर शक जाहिर करते हुए बच्चे के बरामदगी की गुहार लगाई।
जिसके बाद पुलिस ने आरोपी गणेश यादव को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि गणेश ने दिलखुश को मार डाला है। उसका हाथ पैर बांध कर कोसी नदी में फेंक दिया है। गणेश ने पुलिस के सामने अपना जुर्म भी स्वीकार किया है। इस कलयुगी बाप की इस करतूत से गांव के लोग भी आक्रोशित हैं। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।