होली के दिन मध्यप्रदेश की सियासत ने बदला रंग, कमलनाथ कैबिनेट के 22 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा

होली के दिन मध्यप्रदेश की सियासत ने बदला रंग, कमलनाथ कैबिनेट के 22 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा

BHOPAL : होली के दिन मध्यप्रदेश की सियासत तेजी के साथ रंग बदल रही है। प्रदेश में कमलनाथ सरकार संकट से जूझ रही है। सरकार के 28 में से 22 मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी सामने आने के बाद अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस बड़ी मुसीबत का सामना कर रही है। ताजा स्थिति को देखते हुए आज शाम कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। 


कमलनाथ सरकार में शामिल सिंधिया गुट के 6 मंत्रियों ने 12 विधायकों के साथ बेंगलुरु में अपना ठिकाना बना रखा है। मौजूदा संकट से निकलने के लिए कांग्रेस आलाकमान हर संभव प्रयास कर रहा है। कमलनाथ सरकार को संकट में घिरा देख राहुल गांधी बीती रात सोनिया गांधी से मुलाकात करने पहुंचे थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी सामने आने के बाद कांग्रेस इस नेतृत्व इस बात पर विचार कर रहा है कि सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया जाए। 


कांग्रेस के असंतुष्टों में सिंधिया उसके साथ साथ सपा, बसपा और निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं। कांग्रेस के अंदर मचे इस घमासान को देखते हुए हैं बीजेपी भी सक्रिय हो गई है।।बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्य प्रदेश के सियासी घटनाक्रम के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की है। बीजेपी विधायक दल की भी आज बैठक बुलाई गई है। बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान को गोपाल भार्गव की जगह विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। बीजेपी 16 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है।