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नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले से छोटी बहन इंदू नाराज, बोलीं..भईया बिहार छोड़ेंगे तो बहुत कमी महसूस होगी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर उनकी बहन इंदू देवी और बहनोई अनिल कुमार ने नाराजगी जताई। इंदू देवी ने कहा कि बिहार की जनता उन्हें एक अच्छे मुख्यमंत्री के रूप में जानती है और उनके दिल्ली जाने से राज्य को बड़ी कमी महसूस होगी।

बिहार न्यूज
कार्यकर्ता के साथ-साथ परिवार भी नाराज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
7 मिनट

PATNA:नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद से जल्द इस्तीफा देंगे। वो अब राज्यसभा जा रहे हैं। आज ही उन्होंने नामांकन पर्चा भी दाखिल किया। उनके नॉमिनेशन में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री एवं बीजेपी नेता अमित शाह भी मौजूद थे। नीतीश कुमार के इस फैसले से जेडीयू कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उनके घरवाले भी खुश नहीं है। नीतीश कुमार की बहन इंदू देवी और बहनोई अनिल कुमार ने भी नाराजगी जतायी है। 


नीतीश कुमार की बहन इंदू देवी ने कहा कि भईया को अभी दिल्ली नहीं जाना चाहिए। भईया को हम भी बोले कि अभी राज्यसभा नहीं जाइए। क्योंकि एक अच्छे मुख्यमंत्री के रूप में लोग आपको जानते हैं। बिहार की जनता भी नहीं चाहती की आप दिल्ली जाए। आपका कार्यकाल बिहार में बहुत अच्छा रहा। इंदू देवी ने कहा कि भईया नीतीश परिवारवाद के खिलाफ थे। वो नहीं चाहते थे कि उनके बेटे निशांत राजनीति में आए। लेकिन हम लोग चाहते हैं कि निशांत को राजनीति में आना चाहिए। हम लोग निशांत को समझाने में लगे हैं। 


नीतीश भईया बिहार छोड़ेंगे तो बहुत कमी महसूस होगी। वही नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर जो कुछ कहा जा रहा है उस पर बहन इंदू देवी ने कहा कि भईया का स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है। उनके स्वास्थ्य में किसी तरह का फॉल्ट नहीं है। ये लोग रियूमर फैलाकर बिहार से उनको आउट करना चाहते है। वही नीतीश कुमार के बहनोई अनिल कुमार भी नीतीश कुमार राज्यसभा जाने से नाखूश हैं।


 उनका कहना है कि 25 से 30 फिर से नीतीश का जो नारा था, उसके अनुसार उनको अभी रहना चाहिए। इतनी हड़बड़ राज्यसभा जाने की क्यों है? यदि नीतीश जी दिल्ली चले जाएगे तो बिहार सूना हो जाएगा। नीतीश जी के बिना बिहार विधवा हो जाएगा। हमलोगों ने उन्हें काफी समझाने का काम किया लेकिन वो अपनी जिद्द पर अड़ हुए हैं। हमने कहा कि आपके चेहरे पर ही बिहार की जनता ने वोट किया था। जब आप दिल्ली जाएंगे तो बिहार रोयेगा। ऐसा मुख्यमंत्री ना बिहार को कभी मिला है और ना मिलेगा। 


बिहार के विकास की रफ्तार रूक जाएगी। आपके इस फैसले से बिहार की जनता आक्रोशित हैं। अभी एक दो साल बिहार को देखना चाहिए था। उसके बाद कही जाते। मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का काम सराहनीय रहा है। सभी जनता इस बात को स्वीकार भी करती है। नीतीश कुमार ने बिहार को अमन चैन, शिक्षा, स्वास्थ्य क्या कुछ नहीं दिया।


वही मोकामा के विधायक छोटे सरकार के नाम से फेमस बाहुबली अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के इस कदम की सराहना की। कहा कि बहुत ही लंबे अरसे के बाद बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री Nitish Kumar जी एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में राज्यसभा सांसद के रूप में प्रवेश करने जा रहे हैं। सन् 2005 से लेकर आज तक उनका मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व बिहार के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज रहेगा। जब बिहार निराशा और पिछड़ेपन की चर्चा से पहचाना जाता था, तब उन्होंने सुशासन, विकास और सामाजिक समरसता की नई राह दिखाने का साहसिक काम किया।


सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था जैसे अनेक क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने बिहार की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का काम किया है। आज जब वे फिर से राष्ट्रीय मंच पर अपनी नई भूमिका निभाने जा रहे हैं, तो यह हम सबके लिए गर्व का क्षण है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनका अनुभव, उनकी दूरदृष्टि और बिहार के प्रति उनका समर्पण देश को भी नई दिशा देने का काम करे। बिहार की माटी का यह सपूत जहां भी रहे, बिहार का मान और स्वाभिमान हमेशा ऊँचा रहे। 


दरअसल गुरुवार को नीतीश कुमार, नितिन नबीन, उपेन्द्र कुशवाहा, शिवेश कुमार और रामनाथ ठाकुर ने नॉमिनेशन किया। नीतीश कुमार के इस फैसले के खिलाफ समर्थकों ने पटना में जेडीयू कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर तोड़फोड़ की थी। कार्यकर्ताओं का गुस्सा आज देखने को मिला। वो जेडीयू के कुछ नेताओं के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। कह रहे थे कि पार्टी के गद्दारों को जूता मारो..गुस्साएं कार्यकर्ताओं का कहना था कि नीतीश कुमार ने खुद ट्वीट नहीं किया है। आईटी में जो है भूंजा पार्टी वाले ने ट्वीट कराया है। दवा खिलाकर हमारे नेता नीतीश कुमार की मती मारी गई है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि ललन सिंह, संजय झा, विजय चौधरी और अशोक चौधरी को बिहार की जनता जानती है। जेडीयू के साथ गद्दारी हुआ है हमारे नेता के साथ धोखा हुआ है।


 पप्पू यादव ने भी कहा है कि नीतीश कुमार ने खुद ट्वीट नहीं किया है, बल्कि किसी और ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। वही सोशल मीडिया पर भी लोग भाजपा से सवाल कर रहे हैं कि विधानसभा चुनाव के वक्त आपने पवन सिंह का प्रचार गाना बनया था जिसके बोल थे जोड़ी मोदी नीतीश की हिट होई और 25-30 फिर से नीतीश...इन नारों और दावों का क्या हुआ?  लोग यह सवाल बीजेपी के साथ जेडीयू से भी पूछ रही है। फेसबुक पर सुशील पासी अपना एक वीडियो अपलोड कर यह कह रहे हैं कि बिहार में नीतीश कुमार जी का इस्तीफा , राज्यसभा में नामांकन, साफ करता है कि बिहार की जनता के वोट को मोदी सरकार ने लूट लिया. अब देखना होगा आगे बिहार की कमान किसके हाथों में जाती है या फिर बीजेपी , RSS की कठपुतली के द्वारा सरकार चलेगी। 


फेसबुक पर राणा दीपू सिंह लिखते हैं कि बिहार के मेरे एक मात्र पसंदीदा नेता है:-नीतीश कुमार जी हैं। मैंने बिहार में BJP को नहीं बल्कि नीतीश कुमार को वोट किया था और BJP नीतीश कुमार के साथ थी सिर्फ इसलिए चुनाव में BJP को समर्थन किया था। कहने का सीधा मतलब ये है कि नीतीश कुमार के बिना BJP के बारे में सोचा भी न था। खैर..समय का फेर है बस ! नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद पटना में जेडीयू कार्यालय में समर्थकों ने प्रदर्शन और तोड़फोड़ की। सोशल मीडिया पर भी लोग बीजेपी और जेडीयू से सवाल कर रहे हैं कि चुनाव प्रचार में कहे गए “जोड़ी मोदी-नीतीश की हिट होई” और 25-30 नारों का क्या हुआ।