मोबाइल गेम के चक्कर में हैवान बन गये बच्चे, चारों ने मिलकर दोस्त का कर दिया कत्ल

मोबाइल गेम के चक्कर में हैवान बन गये बच्चे, चारों ने मिलकर दोस्त का कर दिया कत्ल

DESK: मोबाइल गेम खेलने का लत बहुत खराब होता है। यह कोशिश की जानी चाहिए कि बच्चों को मोबाइल और गेम से दूर रखे। कभी-कभी इसके चलते बड़ा कांड हो जाता है। इस बार भी यही हुआ। मोबाइल गेम के चक्कर में 4 नाबालिग बच्चों ने मिलकर अपने दोस्त की ही निर्मम हत्या कर दी। कोई सोच भी नहीं सकता है कि नाबालिग होकर ये ऐसा कर सकते हैं। इनकी बातें सुनकर पुलिस भी दंग रह गयी।


आरोपी चारों बच्चों ने पहले डंडे से पीट-पीटकर मारा फिर हत्या के उद्धेश्य से गले में रस्सी बांधा। इतना ही नहीं हत्या के बाद शव के साथ दरिंदगी की गई। कही से जिंदा बचने की उम्मीद ना हो इसे लेकर चारों नाबालिग बच्चों ने धारदार हथियार से गला तक रेत दिया। फिर सबूत मिटाने के लिए शव को पेट्रोल छिड़कर जला दिया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी अंडरग्राउंड हो गये। चारों नाबालिग में दो क्लास 9 का छात्र है तो वही तीसरा 10वीं और चौथा 11वीं का छात्र है। सभी आरोपियों के खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज किया गया है। 


घटना 8 जनवरी की रात पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की है जहां मोबाइल गेम खेलने को लेकर 18 साल के दोस्त के साथ 17 साल के चार नाबालिग बच्चों की लड़ाई हुई थी। जिसके बाद चारों ने मिलकर अपने दोस्त को मौत के घात उतार दिया था। उधर मृतक के परिजनों ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करायी थी। 15 जनवरी को फरक्का बैराज स्थित झाड़ी से क्षत-विक्षत शव पुलिस ने बरामद किया। 


मामले की जांच में जुटी पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर चारों नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। चारों नाबालिग से जब पुलिस ने पूछताछ की तो हत्याकांड में सभी ने अपनी संलिप्तता बतायी। जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गयी। चारों ने पुलिस को बताया कि किस तरह चारों ने मिलकर अपने दोस्त का बेरहमी से कत्ल कर दिया। चारों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया जिसके बाद सभी को बरहामपुर किशोर जेल भेज दिया गया।