मटकोर के खाने से बिगड़ी 50 से ज्यादा लोगों की तबीयत, स्वास्थ्य टीम पंहुची गांव

मटकोर के खाने से बिगड़ी 50 से ज्यादा लोगों की तबीयत, स्वास्थ्य टीम पंहुची गांव

SARAN : बिहार के सारण जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि, बीती मंगलवार के रात ग्रामीणों ने एक शादी के समारोह में हिस्सा लिया था। जिसके बाद आचानक से समारोह में शामिल लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसकी सूचना पानापूर पीएचसी स्वास्थ्य विभाग में दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम आई और पीड़ितों का इलाज शुरु किया। 


दरअसल , यह घटना बिहार के सारण जिले के पानापुर के कोंध खीरी टोला की है। जहां  मंगलवार की रात वैवाहिक कार्यक्रम में भोजन करने के बाद 50 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई।  ग्रामीणों ने बताया कि वे बीती रात कथा और मटकोर में चावल, दाल और सब्जी खाए थे। जिसके बाद आज सुबह से ही ग्रामीणों को पेट दर्द के साथ-साथ उल्टी, दस्त और बेचैनी होने लगी। आश्चर्य की बात है कि बीमार होने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती गई। जब बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचना PHCके स्वास्थ्य टीम को दी गई तो टीम मौके पर पहुंची और मरीजों की इलाज शुरु कर दी। 


पीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमार गौरव ने कहा कि मामला फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। स्थिति काफी गंभीर होने के कारण तैरया अस्पताल से भी चिकित्सकों की टीम बुलाई गई है।साथ ही पानापुर, तरैया व मशरक से एंबुलेंस मंगवा ली गईं। ताकि अगर मरीजों की तबीयत में सुधार ना हो तो उन्हें बड़े अस्पतालों में ले जाया जा सके। 


जानकारी के अनुसार, शादी समारोह में खाना खाने के बाद सबकी हालत गंभीर हो गई थी। जिन लोगों की हालत ज्यादा गंभीर है उनमें है 13 वर्षीय रणधीर कुमार, 11 वर्षीय रणवीर कुमार, 50 वर्षीय हीरा साह, सरस्वती देवी, ओमप्रकाश साह, विकास कुमार सिंह, ओमप्रकाश सिंह की पुत्री सोनाली कुमारी, सतीश सिंह की पुत्री रितिका कुमारी, रीता देवी, रंधीर सिंह शामिल है। इन सभी को बेहतर इलाज के लिए छपरा रेफर कर दिया गया है।  इनके अलावा भी करीब करीब 4 दर्जन लोग बीमार है, जिनका इलाज PHCके स्वास्थ्य टीम के द्वारा किया जा रहा है। 


इधर, इस घटना के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष सहित डॉक्टर की टीम ने क्षेत्र में कैंप लगा लिया है। तबीयत खराब होने की वजह फूड प्वाइजनिंग बताई जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने  बैंगन व पालक पर कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के कारण इसके विषाक्त हो जाने की आशंका व्यक्त की है।