1st Bihar Published by: Updated Nov 26, 2021, 7:23:04 PM
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PATNA : विजिलेंस की स्पेशल यूनिट में आज सुबह जब मंत्री जनक राम के ओएसडी और उनके करीबियों के यहां छापेमारी की तो हड़कंप मच गया। ओएसडी मृत्युंजय कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की गई, साथ ही साथ उनकी महिला मित्र पर रत्ना चटर्जी के ठिकानों पर भी विजलेंस ने नकेल कसी। छापेमारी के दौरान मंत्री के ओएसडी की महिला मित्र रत्ना चटर्जी के ठिकाने से 30 लाख कैश और लगभग 50 से 60 लाख की ज्वेलरी बरामद की गई है। आज सुबह ही ज्वेलरी और कैश की तस्वीरें जब सामने आई थी उसी वक्त लग गया था कि मामला बड़ा है लेकिन अब विजिलेंस के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि लगभग 90 लाख के कैश और ज्वेलरी भी रत्ना चटर्जी के ठिकाने से मिले हैं।
किशनगंज में सीडीपीओ के पद पर रह चुकी रत्ना चटर्जी के कटिहार स्थित ठिकाने पर आज तड़के छापेमारी शुरू हुई थी और वहां विजिलेंस की टीम को करोड़ों की चल अचल संपत्ति के बारे में जानकारी मिली है। इसके अलावा मृत्युंजय कुमार के भाई धनंजय कुमार के आवास पर भी छापेमारी की गई है धनंजय कुमार रेलवे में नौकरी करते हैं और देर शाम तक उनके आवास पर विजलेंस की टीम जांच कर रही थी। सीडीपीओ रह चुकी रत्ना और ओएसडी मृत्युंजय कुमार के बीच बेहद नज़दीकियां थी। रत्ना चटर्जी के पास कई बेनामी संपत्ति का भी पता चला है। आपको बता दें कि किशनगंज में सीडीपीओ के पद पर वह काम कर चुकी हैं। साल 2011 में विजिलेंस की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उसके बाद रत्ना चटर्जी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
मंत्री जनक राम के ओएसडी मृत्युंजय कुमार के बारे में विजिलेंस को इनपुट मिला था। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने के बाद आज सुबह सर्च वारंट लेकर विजिलेंस की टीम अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची। राजधानी दिल्ली से पश्चिम बंगाल रुपए की संपत्ति के बारे में जानकारी मिली है। बिहार में बालू का जबरदस्त खेल खेला जा रहा है और इस खेल में अब तक कई बड़ी मछलियां पकड़ में आ चुकी हैं हालांकि कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो आर्थिक अपराध की जांच के दायरे में आने के बावजूद विभाग में योगदान दे चुके हैं। फर्स्ट बिहार इस बारे में पहले ही खुलासा कर चुका है। इसके बावजूद ऐसे अधिकारियों के ऊपर सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही हालांकि अब मंत्री के ओएसडी के ऊपर विजिलेंस का शिकंजा कसने के बाद सियासत गरमाना तय है।