लोकसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर मायावती का बड़ा एलान, बताया बसपा का चुनावी प्लान

लोकसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर मायावती का बड़ा एलान, बताया बसपा का चुनावी प्लान

DESK: उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बसपा प्रमुख मायावती ने साफ कर दिया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। बसपा प्रमुख ने लोकसभा का चुनाव अकेले लड़ने का एलान कर दिया है। अपने 68वें जन्मदिन के मौके पर बसपा चीफ ने बीजेपी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी पर हमला बोला है।


पूर्व सीएम मायावती ने कहा ह कि लोकसभा चुनाव में काफी कम समय रह गया है। लोकसभा चुनाव में रिजल्ट अच्छा आता है तो यही मेरा बर्थडे गिफ्ट रहेगा। लोकसभा चुनाव हम अकेले ही लड़ेंगे, किसी पार्टी से गठबंधन नहीं कर रहे हैं। बसपा इसीलिए अकेले चुनाव लड़ती है क्योंकि शीर्ष नेतृत्व दलित समाज से है। हमारा वोट तो ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन गठबंधन का वोट हमारे में ट्रांसफर नहीं होता है। बसपा ने 1993 में समाजवादी पार्टी और 1996 में कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन किया था लेकिन पार्टी को इसका कोई फायदा नहीं हुआ था।


बसपा चीफ ने कहा कि 4 बार हमारी सरकार रही है और हमने दलितों के लिए काम किया है। मुफ्त राशन देकर गुलाम बनाने की कोशिश हो रही है। धर्म की आड़ में जो राजनीति की जा रही है जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस, बीजेपी और इनके सहयोगी दलों का व्यवहार जातिवादी और संप्रदाय वादी रहा है। गठबंधन ने फायदा कम और नुकसान अधिक होता है। चुनाव के बाद गठबंधन करने पर विचार हो सकता है।


मायावती ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच तल्खी पर कहा कि सपा प्रमुख ने जिस तरह गिरगिट की तरह रंग बदला है उससे सभी को सावधान रहने की जरूरत है। मीडिया के जरिए यह बात फैलाई जा रही है कि मैं राजनीति से संन्यास ले रही हूं, यह पूरी तरह से बेबुनियाद है। वहीं प्राण पतिष्ठा कार्यक्रम में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी कोई फैसला नहीं लिया है। इसको लेकर मुझे और मेरी पार्टी को किसी तरह का कोई एतराज नहीं है।