1st Bihar Published by: Updated Sat, 04 Apr 2020 12:30:39 PM IST
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DESK: कोरोना संकट को लेकर भारत में हुए लॉकडाउन को लोग हल्के में ले रहे हैं. लेकिन कई देशों में लॉकडाउन को लेकर कठोर सजा का प्रावधान है. इस कठोर सजा का फायदा यह होता है कि लोग नियम को सख्ती के साथ पालन करते हैं. गृह मंत्रालय के अनुसार भारत में अधिकतम 2 साल की सजा हो सकती है. कई राज्यों में लॉकडाउन तोड़ने वालों को पुलिस सड़क पर मुर्गा बनाकर ही छोड़ दे रही है. इस तरह के कई राज्यों में मामले आ चुके हैं. लेकिन इस तरह की छुट विदेशों में नहीं है.
सबसे कठोर सजा फिलीपींस में
लॉकडाउन को सख्ती से पालन करने के लिए फिलीपींस में देखते ही लोगों को गोली मारने का आदेश दिया गया है. यह आदेश राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने दिया है. इसके अलावे दक्षिण अफ्रीका में बाहर निकलने वालों को पुलिस रबर की गोली से मार रही है. सऊदी अरब में एक करोड़ का जुर्माना है. ऑस्ट्रेलिया में कुछ जगहों पर में 23 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है.
रूस में 7 साल की सजा
लॉकडाउन तोड़ने पर भारत में 2 साल की अधिकतम सजा है तो वही रूस में 7 साल की सजा का प्रावधान है. अगर मैक्सिको में कोई अपनी बीमारी छिपाने की कोशिश करता है तो उसको लेकर भी तीन साल की सजा का प्रावधान है. कोलंबिया में नेशनल आईडी के नंबर के आधार दिखाने के बाद ही आप बाहर निकल सकते हैं. जिनकी आईडी नंबर की लास्ट में 0,4,7 होगा वह सोमवार को निकल सकते हैं. इसी तरह से पनामा में अलग-अलग दिन पुरूष और महिला निकलती है. महिलाएं सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सिर्फ दो घंटे के लिए घर से बाहर निकल सकती हैं. इस तरह से कई देशों में कठोर सजा है. यूएन के अनुसार कोरोना को लेकर 90 देशों में लॉकडाउन है और 180 देशों में स्कूल और कॉलेज बंद है.