1st Bihar Published by: Updated Oct 20, 2021, 2:47:54 PM
- फ़ोटो
DESK: सीमावर्ती क्षेत्रों और नेपाल के इलाकों में पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। कोसी नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसे देखते हुए तटबंध के भीतर बसे लोगों को भी अलर्ट किया गया है। कोसी नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि को देखते हुए चुनाव कार्य में लगे 5 अंचलाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में भेजा गया है। स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम भी कई इलाकों में भेजे गये है।
सुपौल के निर्मली और बसंतपुर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति बन गई है। वही 42 फाटक भी खोल दिए गए हैं। यहां का जलस्तर 2,69,150 क्यूसेक दर्ज की गयी है जो इस साल का सबसे अधिक जलस्तर वृद्धि है। इसी को देखते हुए सुपौल डीएम महेंद्र कुमार ने जिले के पांच सीओ को चुनाव से हटाकर तटबंध की निगरानी का निर्देश दिया है। वही गणपतगंज में डीएम कैंप कर रहे है। तटबंध के आस-पास बसे लोगों को ऊंची जगहों पर जाे का निर्देश दिया गया है। इसे लेकर एनडीआरएफ को अलर्ट किया गया है।
वही बगहा में भी लगातार हो रही बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गयी है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर डिस्चार्ज बढ़कर दो लाख क्यूसेक पहुंच गया है। वाल्मीकिनगर के साथ ही नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश से 24 घंटे में 50 हज़ार क्यूसेक से बढ़कर जलस्तर दो लाख क्यूसेक तक पहुंच चुका है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद पीपी तटबंध पर भी दबाव बढ़ गया है। गंडक नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के बाद तटबंध के आस-पास रह रहे लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया है। उन्हें ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।