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Bihar Politics: SIR के मुद्दे पर तेजस्वी के साथ खडे हुए JDU सांसद, निर्वाचन आयोग के फैसले को बताया तुगलकी फरमान

Bihar Politics: बिहार में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सियासी घमासान जारी है। JDU सांसद गिरिधारी यादव ने निर्वाचन आयोग के फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए तेजस्वी यादव के रुख का समर्थन किया है।

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बिहार से लेकर दिल्ली तक सियासी रार मचा हुआ है. बिहार में विधान सभा नहीं चल पा रही. तो दूसरी तरफ संसद में भी विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है. अब पूरे मामले में नया मोर आता भी दिख रहा है. अब जेडीयू के सांसद भी सर के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग के फैसले को गलत ठहरा रहे हैं. जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव ने निर्वाचन आयोग के फैसले को तुगलकी फरमान बता दिया है.


जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव ने क्या कहा

गिरिधारी यादव ने कहा है कि निर्वाचन आयोग को व्यवहारिक ज्ञान नहीं है. चुनाव आयोग को बिहार का इतिहास भूगोल कुछ नहीं मालूम. बरसात के समय, खेती के समय ये काम नहीं होना चाहिए था. हमको कागज जमा करने में दस दिन लग गए. मेरा बेटा अमेरिका में रहता है उसका साईन कैसे होगा एक महीना में. अगर निर्वाचन आयोग को करवाना ही था तो छह महीना पहले कराया होता. चुनाव आयोग का फरमान तुगलकी फरमान है. एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए गिरिधारी यादव ने कहा कि पार्टी भले ही एसआईआर के पक्ष में हो लेकिन ये मेरा व्यक्तिगत विचार है. पार्टी के साथ तब हम खडे हैं जब वोट डालने जाएंगे. लेकिन मेरा भी स्वतंत्र विचार है. अगर आप इसे पार्टी के खिलाफ दिया बयान मान रहे हैं तो आप कुछ भी मान सकते हैं लेकिन सच्चाई यही है. अब सच्चाई भी हम नहीं बोल पाएं तो एमपी बने क्यों हैं.


कानून व्यवस्था में कमी आई है- गिरिधारी यादव

जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव यहीं नहीं रुके. गिरिधारी यादव ये भी मानते हैं कि बिहार में कानून व्यवस्था में कमी आई है. गिरिधारी यादव से जब कानून व्यवस्था को लेकर सवाल पूछे गए तो जेडीयू सांसद ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगड भी जाता है सुधर भी जाता है. लेकिन पहले जिस तरह कानून व्यवस्था अच्छी थी अब कमी आई है.  


कौन हैं गिरिधारी यादव

गिरिधारी यादव जेडीयू के कद्दावर नेता है. बांका लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. यादव जाति से आते हैं. गिरिधारी चार बार सांसद और चार बार विधायक रह चुके हैं. युवा कांग्रेस से उन्होंने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत 1983 से की थी. 11वीं लोकसभा के लिए पहली बार सांसद बने. 1997 में गिरिधारी यादव ने 17 सांसदों के साथ मिलकर जनता दल से अलग होकर आरजेडी के गठन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. साल 2010 में गिरिधारी यादव ने जेडीयू ज्वाईन किया था.

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता