ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशदोहरी नागरिकता के बाद अब नए मामले में घिरे राहुल गांधी, सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय की तारीखमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशदोहरी नागरिकता के बाद अब नए मामले में घिरे राहुल गांधी, सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय की तारीख

Bihar Voter List Revision: बिहार में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का काम अंतिम चरण में, अब तक 98% मतदाता कवर; EC का दावा

Bihar Voter List Revision: बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अब तक 98% मतदाता कवर किए जा चुके हैं। इस दौरान 20 लाख मृत मतदाता, 28 लाख स्थानांतरित मतदाता और कई अन्य गड़बड़ियां सामने आई हैं।

Bihar Voter List Revision
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Voter List Revision: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का पहला चरण कुछ ही दिनों में समाप्त होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 जुलाई तक कुल 98.01% मतदाताओं को इस प्रक्रिया में कवर किया जा चुका है।


इस पुनरीक्षण के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। चुनाव आयोग ने दावा किया है कि वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के दौरान 20 लाख मतदाता ऐसे पाए गए, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। वहीं 28 लाख मतदाता स्थायी पता बदल चुके हैं। जबकि 7 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने एक से अधिक जगह पर नामांकन करा रखा है। 


1 लाख मतदाताओं का कोई पता नहीं चल पाया है जबकि 15 लाख फॉर्म अब तक वापस नहीं मिले हैं। अब तक 17 करोड़ मतदाताओं (90.89%) के फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं और उन्हें डिजिटाइज किया जा चुका है। पहले चरण के अंत में 1 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची जारी की जाएगी। 


यदि इस सूची में कोई गलती है तो 1 सितंबर 2025 तक कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसी तरह, यदि कोई पात्र व्यक्ति अपना नाम सूची में नहीं पाता है, तो वह भी 1 सितंबर तक दावा दाखिल कर सकता है। शिकायतें संबंधित ERO या AERO के पास की जा सकती हैं।


SIR को लेकर बिहार में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर है। कांग्रेस ने हाल ही में इस मुद्दे पर हमला तेज करते हुए कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के सांसद गिरधारी यादव ने भी SIR प्रक्रिया को 'तुगलकी फरमान' करार दिया है। वहीं जेडीयू विधायक संजीव ने भी मतदाता सूची पुनरीक्षण के समय पर सवाल उठाया है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें