1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 06, 2026, 8:00:35 AM
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BIHAR NEWS : वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह में बिहार सरकार को केंद्र से बड़ी वित्तीय मदद मिलने जा रही है। केंद्र सरकार से करीब 30 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य के सरकारी खजाने को कुछ राहत मिलेगी। इस राशि में लगभग 7500 करोड़ रुपये केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में मिलेंगे, जबकि शेष राशि विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत केंद्रांश के रूप में प्राप्त होगी।
हालांकि, इस राशि के आने से सरकारी खजाने की स्थिति में सुधार जरूर होगा, लेकिन फिलहाल राज्य सरकार की प्राथमिकता छोटे भुगतानों को निपटाने की है। बड़े भुगतान अभी भी रुके हुए हैं और उन्हें आगे के लिए टाला जा सकता है।
वेतन-पेंशन भुगतान को प्राथमिकता
राज्य सरकार ने फिलहाल 10 मार्च तक सरकारी कर्मियों के वेतन, पेंशन, मानदेय और सहायता अनुदान की राशि की निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना होने के कारण मार्च में वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। वित्त विभाग के निर्देश के अनुसार सभी विभागों को कहा गया है कि पहले कर्मचारियों और पेंशनधारकों से जुड़े भुगतान पूरे किए जाएं। इसके बाद ही अन्य प्रकार के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
विकास योजनाओं के भुगतान में देरी
राज्य में फिलहाल कई बड़ी विकास योजनाएं चल रही हैं, जिनमें शहरी और ग्रामीण सड़क निर्माण, सरकारी भवनों का निर्माण, पुल-पुलियों का निर्माण और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत काम कर रहे संवेदकों (ठेकेदारों) को तय प्रक्रिया के अनुसार कार्य पूरा होने पर भुगतान किया जाता है।
लेकिन फिलहाल इन परियोजनाओं से जुड़े बड़े वित्तीय दावों के भुगतान में देरी होने की संभावना है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि वित्त विभाग इन दावों की गहन जांच-पड़ताल कर रहा है। विभागीय स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी दावे नियमों के अनुसार और सही तरीके से प्रस्तुत किए गए हों।
जांच के बाद ही होगा भुगतान
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक विकास योजनाओं से जुड़े भुगतान के दावों की जांच पूरी होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। सरकार की ओर से यह साफ किया गया है कि भुगतान में जल्दबाजी नहीं की जाएगी और हर दावे की सही तरीके से जांच के बाद ही राशि जारी होगी। राशि की उपलब्धता के आधार पर वित्त विभाग आगे भुगतान के निर्देश जारी करेगा। यानी सरकारी खजाने में जितनी राशि उपलब्ध होगी, उसी के अनुसार प्राथमिकता तय कर भुगतान किया जाएगा।
केंद्र से राशि आने पर मिलेगी राहत
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि राज्य के वित्तीय प्रबंधन के लिए राहत साबित होगी। इस राशि के आने के बाद सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का भुगतान सुचारु रूप से किया जा सकेगा। इसके साथ ही छोटे-छोटे भुगतान, जैसे मानदेय, अनुदान और अन्य छोटी वित्तीय देनदारियों का निपटारा भी संभव हो सकेगा।
राज्य के अपने राजस्व से भी उम्मीद
सरकार को इस महीने राज्य के अपने स्रोतों से भी अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। मार्च महीने में अक्सर टैक्स और अन्य राजस्व की वसूली बढ़ जाती है, जिससे सरकारी खजाने में अतिरिक्त राशि आती है। इससे भी कुछ लंबित भुगतानों को निपटाने में मदद मिल सकती है।
अगले वित्तीय वर्ष में टल सकते हैं बड़े भुगतान
हालांकि सरकार की प्राथमिकता फिलहाल छोटे भुगतान को पूरा करने की है। यदि इन भुगतानों के बाद भी पर्याप्त राशि बचती है तो ही बड़े भुगतान किए जाएंगे। ऐसी स्थिति में जिन बड़े वित्तीय दावों का निपटारा इस वित्तीय वर्ष में संभव नहीं हो पाएगा, उन्हें अगले वित्तीय वर्ष में भुगतान के लिए लंबित रखा जाएगा। राज्य सरकार पहले ही सभी विभागों को निर्देश दे चुकी है कि किसी भी वित्तीय दावे का भुगतान पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही किया जाए। कुल मिलाकर, केंद्र से मिलने वाली राशि से बिहार सरकार को तत्काल वित्तीय राहत जरूर मिलेगी, लेकिन विकास योजनाओं से जुड़े बड़े भुगतान के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।