ब्रेकिंग
चुटकी भर खैनी को लेकर विवाद बना जानलेवा, चतरा में एसपी आवास के पास निजी गार्ड की गोली मारकर हत्याBihar Weather: पटना सहित कई जिलों में आंधी-तूफान और तेज बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे रहें सावधानपटना में आंध्र प्रदेश पुलिस और STF की बड़ी कार्रवाई, दो वांटेड आरोपी गिरफ्तारछपरा में नाव जब्त करने गई पुलिस टीम पर पथराव, दो महिला पुलिसकर्मी घायल, हत्याकांड की जांच के दौरान बवालबिहार में राजस्व विभाग के 10 अधिकारियों का तबादला, सरकार ने जारी की अधिसूचना; पूरी लिस्ट देखिए..चुटकी भर खैनी को लेकर विवाद बना जानलेवा, चतरा में एसपी आवास के पास निजी गार्ड की गोली मारकर हत्याBihar Weather: पटना सहित कई जिलों में आंधी-तूफान और तेज बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे रहें सावधानपटना में आंध्र प्रदेश पुलिस और STF की बड़ी कार्रवाई, दो वांटेड आरोपी गिरफ्तारछपरा में नाव जब्त करने गई पुलिस टीम पर पथराव, दो महिला पुलिसकर्मी घायल, हत्याकांड की जांच के दौरान बवालबिहार में राजस्व विभाग के 10 अधिकारियों का तबादला, सरकार ने जारी की अधिसूचना; पूरी लिस्ट देखिए..

किशोर कुणाल का दावा, गुबंद के नीचे है राम का जन्मस्थल

PATNA: अयोध्या फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में बहस पुरी हो चुकी है. सबकी नजर आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी है. ऐसे में बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी रहे आचार्य कुणाल किशोर ने दा

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: अयोध्या फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में बहस पुरी हो चुकी है. सबकी नजर आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी है. ऐसे में बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी रहे आचार्य कुणाल किशोर ने दावा किया है कि गुंबद के नीचे ही भगवान राम का जन्मस्थल है. 

किशोर का दावा है कि भगवान श्रीराम के जन्मस्थान का वर्णन भारत की कई पांडुलिपियों में किया गया है. इनमें इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 'सीता कूप' एवं 'सीता रसोई' के बीच श्रीराम का जन्मस्थान था और सीता कूप आज भी वहां पर मौजूद है.

आचार्य कुणाल का कहना है कि अयोध्या के स्थानीय कोर्ट ने 1950 में एक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था. कोर्ट के निर्देश पर शिवशंकर लाल ने इसे तैयार किया था. श्रीराम के जन्मस्थान को केंद्र में रखकर एक नक्शा भी तैयार किया था  और इसे 14 मार्च 2018 को ही कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था. आशा है कि फैसला उनके पक्ष में आएगा और रामलला का मंदिर निर्माण होगा. बता दें कि कुणाल अयोध्या पर कई किताब लिख चुके हैं. वह पटना महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव भी हैं.