1st Bihar Published by: Ajay Rai Updated Mon, 07 Jun 2021 01:21:53 PM IST
- फ़ोटो
BUXAR : बिहार के अधिकांश गांव में सड़कों और पुल पुलियों की क्या स्थिति है इस बात से सभी वाकिफ हैं. लेकिन आज हम आपको बक्सर जिले के ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां देश की आजादी के 73 साल के बाद भी गांव तक पहुंचने के लिए एक सड़क तक नहीं बनाई गई है. सड़क नहीं होने की वजह से आम दिनों में तो परेशानी होती ही है लेकिन जब बरसात का मौसम नजदीक आ जाता है तो कीचड़ की वजह से चलना दूभर हो जाता है.
दरअसल, बिहार के बक्सर ज़िले में स्थित डुनमरांव गांव में कुछ दिनों पहले हुई बेमौसम बरसात हो जाने के कारण लोगों के समक्ष भारी संकट की स्थिति पैदा हो गई है. दो-तीन दिन पहले हुई एक शादी के दौरान एक दूल्हे को कंधे पर बैठाकर तकरीबन 3 किलोमीटर दूर तक कीचड़ और पानी में बचते बचाते हुए लेकर जाने का एक वीडियो सामने आया है. पूछने पर स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है लेकिन इस पर ना तो जनप्रतिनिधि और ना ही अधिकारी ध्यान देते हैं.
बता दें कि जिले के डुमराव अनुमंडल मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित नचाप पंचायत के पुरैना गांव में मुख्य सड़क से गांव में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है. सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण लोग 3 किलोमीटर तक पैदल चलने को मजबूर हैं. लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं होती. ग्रामीणों ने बताया कि हल्की बारिश होने के बाद कच्चे रास्ते से गाड़ियों का आवागमन बंद हो जाता है. ऐसे में लोगों को बचते-बचाते पैदल मुख्य सड़क तक आना पड़ता है.