झारखंड में NIA की बड़ी कार्रवाई, माओवादियों की साजिश से जुड़े मामले में 14 स्थानों पर छापे मारे, एक गिरफ्तार

 झारखंड में NIA की बड़ी कार्रवाई, माओवादियों की साजिश से जुड़े मामले में 14 स्थानों पर छापे मारे, एक गिरफ्तार

RANCHI: झारखंड में सुरक्षा बलों पर हमला करने की माओवादियों की साजिश से जुड़े मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने  14 स्थानों पर छापे मारे और एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है. और सीपीआई (माओवादी) के सक्रिय कैडर द्वारा साजिश के मामले में चल रही जांच में साजन कुमार नाम के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. जून 2022 में सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए, एजेंसी ने सोमवार को कहा.


इस मामले में NIA के एक प्रवक्ता ने बताया कि लोहरदगा में नौ और लातेहार जिले में पांच स्थानों पर संदिग्धों के परिसर पर छापे मारे गए. इस दौरान एक देसी पिस्तौल के साथ छह कारतूस, एक मैगजीन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय लेनदेन तथा संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. अधिकारी ने बताया कि लोहरदगा में एक स्थान से झारखंड के चकला गांव के निवासी साजन कुमार को गिरफ्तार किया गया.


वही इसको लेकर प्रवक्ता ने बताया कि साजन कुमार संदिग्ध राजू कुमार उर्फ राजू साव के स्वामित्व वाले राजू ब्रिक्स नाम के ईंट भट्ठे में मुंशी के रूप में काम करता था. साव कथित तौर पर माओवादी रवींद्र गंझू की ओर से उगाही करता था और उस धन का निवेश करता था और साजन कुमार को इस लेन-देन की पूरी जानकारी थी. गंझू अभी गिरफ्तारी से बच रहा है. उन्होंने बताया कि एनआईए के मामले की जांच संभालने से पहले झारखंड पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के तहत 18 जून को नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था.


NIA ने कहा कि जांच के बाद उसने पाया कि माओवादी के सक्रिय सदस्यों के साथ क्षेत्रीय समिति के सदस्य गंझू ने सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए एक आपराधिक साजिश रची और वे बुलबुल के जंगल में जुटे है. प्रवक्ता ने बताया कि स्थानीय पुलिस और CRPF ने पिछले साल फरवरी में संयुक्त अभियान चलाया था, जिस क्रम में माओवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चलायी थी. उन्होंने बताया कि जब सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाके को घेरा जहां से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला बारुद, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किए गए.  जिसके बाद झारखंड में पेशरार पुलिस थाने में यह मामला दर्ज किया गया.