ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर में उफान पर बागमती: निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, थाना और स्कूल परिसर में घुसा नदी का पानी; जिला प्रशासन अलर्ट1993 में खरीदी गई जमीन पर अब मिला कब्जा, 32 साल की कानूनी लड़ाई के बाद 103 साल की महिला को मिला न्यायपटना में सूखे नशा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, डेढ़ करोड़ की स्मैक के साथ दो महिला समेत तीन स्मगलर अरेस्टIRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू यादव और उनके परिवार को फिलहाल राहत, आरोप तय करने पर फैसला टलासाइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ बिहार का युवक, पाकिस्तानी नंबर से धमकाकर ठगे 1.78 लाख रुपयेमुजफ्फरपुर में उफान पर बागमती: निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, थाना और स्कूल परिसर में घुसा नदी का पानी; जिला प्रशासन अलर्ट1993 में खरीदी गई जमीन पर अब मिला कब्जा, 32 साल की कानूनी लड़ाई के बाद 103 साल की महिला को मिला न्यायपटना में सूखे नशा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, डेढ़ करोड़ की स्मैक के साथ दो महिला समेत तीन स्मगलर अरेस्टIRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू यादव और उनके परिवार को फिलहाल राहत, आरोप तय करने पर फैसला टलासाइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ बिहार का युवक, पाकिस्तानी नंबर से धमकाकर ठगे 1.78 लाख रुपये

गांधी मैदान छोड़िए.. नीतीश जी कालीन भी नहीं भर पाए, RJD का JDU के सम्मेलन पर तंज

PATNA : गांधी मैदान के कार्यकर्ता सम्मेलन में दो लाख कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का दावा करने वाले जेडीयू को झटका लग गया है. गांधी मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर एक बड़े लंबे

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA : गांधी मैदान के कार्यकर्ता सम्मेलन में दो लाख कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का दावा करने वाले जेडीयू को झटका लग गया है. गांधी मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर एक बड़े लंबे चौड़े इलाके की घेराबंदी की गई थी. बजाप्ता कालीन बिछा कर कार्यकर्ताओं के लिए बैठने का इंतजाम किया गया था. लेकिन कार्यकर्ताओं की संख्या दावों मुताबिक नहीं पहुंची. 

इसको भी पढ़ें: तो क्या कन्हैया से छोटा हो गया नीतीश का कद? भीड़ के पैमाने पर गांधी मैदान दे रहा गवाही


आरजेडी ने गांधी मैदान की तस्वीरों के साथ जेडीयू के कार्यकर्ता सम्मेलन पर जबरदस्त तंज कसा है. आरजेडी ने कहा है कि जेडीयू ने संपूर्ण बिहार से कार्यकर्ताओं को बुलाकर ऐसा महारैला गांधी मैदान में आयोजित किया कि पूरा मैदान भीड़ से खचाखच भर गया. 

इस कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर जेडीयू के नेताओं ने जी जान लगा दिया था. लेकिन वह कार्यकर्ता जुड़ाने में विफल रहे हैं. पार्टी के उम्मीद से कम कार्यकर्ता गांधी मैदान पहुंचे. पटना में भी जेडीयू नेताओं ने पोस्टर से सड़कों को पाट दिया, लेकिन वह कार्यकर्ता नहीं ला पाए. जिससे विपक्ष को मौका मिल गया. 


इसको भी पढ़ें: बिहार में मुर्दों से इंटर की कॉपी जांच करा रहा शिक्षा विभाग, नहीं पहुंचने पर किया सस्पेंड