ब्रेकिंग
Bihar MLC Election: पटना शिक्षक क्षेत्र में बड़ा उलटफेर, BJP विधान पार्षद नवल यादव हारे, RJD के डॉ संजीव जीते✦Bihar MLC Election Counting: रात के दो बजे काउंटिंग सेंटर पहुंच गये नीरज कुमार, मतगणना ने ले लिया यू-टर्न✦पटना स्नातक सीट पर तीसरे राउंड में भी बदला समीकरण, तेजस्वी के उम्मीदवार को बढ़त; नीरज और पिछड़े✦पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों में देरी पर उठे सवाल, चुनाव आयोग से RJD ने मांगा जवाब ✦ बिहार के 6 विश्वविद्यालयों में नीतिगत फैसलों पर रोक, नियुक्ति और तबादले के लिए राज्यपाल से लेनी होगी अनुमति✦Bihar MLC Election: पटना शिक्षक क्षेत्र में बड़ा उलटफेर, BJP विधान पार्षद नवल यादव हारे, RJD के डॉ संजीव जीते✦Bihar MLC Election Counting: रात के दो बजे काउंटिंग सेंटर पहुंच गये नीरज कुमार, मतगणना ने ले लिया यू-टर्न✦पटना स्नातक सीट पर तीसरे राउंड में भी बदला समीकरण, तेजस्वी के उम्मीदवार को बढ़त; नीरज और पिछड़े✦पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों में देरी पर उठे सवाल, चुनाव आयोग से RJD ने मांगा जवाब ✦ बिहार के 6 विश्वविद्यालयों में नीतिगत फैसलों पर रोक, नियुक्ति और तबादले के लिए राज्यपाल से लेनी होगी अनुमति

पकड़ी गई शिक्षक की चालबाजी: झारखंड में रहकर बिहार में बना रहे थे अटेंडेंस, ऐसे खुला राज

Bihar Teacher News: जमुई जिले में शिक्षक अमरेंद्र कुमार ने स्कूल न जाकर झारखंड के देवघर से ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर हाजिरी लगाई। रैंडम जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा।

Bihar Teacher News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए हाजिरी लगाना अब उन शिक्षकों के लिए मुसीबत बन गया है जो ड्यूटी में लापरवाही बरतते हैं। जमुई जिले के चकाई प्रखंड से ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है।


उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्रतापपुर में तैनात शिक्षक अमरेंद्र कुमार ने स्कूल आने के बजाय पड़ोसी राज्य झारखंड के देवघर से ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। रैंडम जांच में यह बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जानकारी के अनुसार, जनवरी, फरवरी और मार्च में कई दिनों में शिक्षक स्कूल तक नहीं पहुंचे, लेकिन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उनकी हाजिरी पूरी थी। 


उन्होंने चालाकी दिखाते हुए “ऑन ड्यूटी” और “ऑफिस वर्क” के रूप में उपस्थिति दर्ज कराई ताकि किसी को शक न हो। जब विभाग ने उनकी लोकेशन ट्रैक की, तो पता चला कि हाजिरी स्कूल से नहीं बल्कि उनके देवघर स्थित घर से बनाई गई थी। 


इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद जमुई के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) दया शंकर ने कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा और इसे अनुशासनहीनता की गंभीर घटना बताया। इस खुलासे के बाद चकाई और आसपास के स्कूलों के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब उन्हें समझ आ गया है कि डिजिटल हाजिरी सिस्टम से बचना आसान नहीं है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता