हेमंत सरकार ने 1.16 लाख करोड़ का बजट किया पेश, जानिए वित्त मंत्री के बड़े ऐलान

हेमंत सरकार ने 1.16 लाख करोड़ का बजट किया पेश, जानिए वित्त मंत्री के बड़े ऐलान

RANCHI : झारखंड विधानसभा में हेमंत सरकार के तरफ से आज राज्य का आम बजट पेश किया गया है। वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने बजट पेश किया है। झारखंड के वित्त मंत्री ने 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का बजट पेश किया है। इस बजट में गरीबों, किसान और अति पिछड़ों  लोगों के विकास पर जोर दिया गया है।


हेमंत सोरेन सरकार में वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव का यह तीसरा बजट था। इस बार के बजट में राज्य के राजस्व आय को बढ़ाया गया है किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास किया गया है। बजट में पहली बार 15 % की वृद्धि की गई है। वहीं, इस बजट को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने संतोष जताते हुए कहा कि इससे झारखंड का भविष्य सुनहरा होगा। वित्त मंत्री ने एक लाख एक हजार, एक सौ एक करोड़ रुपये का बजट पेश किया। 


राज्य सरकार टीईटी (TET) पास प्रशिक्षित शिक्षकों के मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि करने जा रही है। वहीं प्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मानदेय में 40 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। झारखंड में अब पारा शिक्षक सहायक प्राध्यापक के नाम से जाने जाएंगे। सामान्य क्षेत्र के लिए करीब 33 करोड़ 700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है। राज्य में मिलेट मिशन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मनरेगा के कार्य के लिए नौ करोड़ मानव दिवस करने का लक्ष्य रखा गया है। जल संसाधन विभाग के लिए एक हजार नौ सौ 64 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। 


वहीं, पंचायती राज के तहत हर पंचायत में ज्ञान केंद्र की स्थापना होगी। पंचायत सचिवालय में टीवी लगेंगे। इसको लेकर पंचायती राज के लिए एक हजार नौ सौ 68 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। राज्य के सर्वजन पेंशन के लिए दो हजार एक सौ 31 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। एक हजार 828 पंचायत जीरो ड्रॉट आउट घोषित किए गए हैं। वर्तमान सरकार राज्य की सभी पंचायत में जीरो ड्रॉप आउट पंचायत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 


इसके साथ ही हेमंत सरकार के तरफ से यह निर्णय लिया गया है कि राज्य में 800 नये आंगनबाड़ी भवन बनेंगे। इसके आलावा अब आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्ट फोन मिलेगा। राज्य के आवासीय विद्यालय का भी विकास होगा।  साथ ही साथ राज्य के चयनित विद्यालयों में बांग्ला और ओडिया भाषा की पढाई होगी। राज्य के विद्यालयों में बालिका-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय भवन बनेंगे।