1st Bihar Published by: Updated Jun 01, 2022, 1:30:44 PM
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KATIHAR: कटिहार के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। जातिगत जनगणना की सर्वदलीय बैठक शुरू होने के पहले ही उन्होंने कहा है कि अल्पसंख्यकों की भी जातीय जनगणना कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकास के अजेंडे में ले गए। देश का अगर बजट 2014 में साढ़े 16 लाख करोड़ का था तो आज आज साढ़े 37 लाख करोड़ तक गया है। लेकिन कई लोग समाज में अपनी एजेंडा चाहते हैं, तो आज की तारीख में देश में धर्म परिवर्तन का एक सख्त कानून होना चाहिए।
ज्ञानवापी मामले पर गिरिराज सिंह ने कहा कि यह 1991 के कानून के दायरे में नही है। गिरिराज सिंह ने कहा कि आज बिहार सरकार से जो जातीय जनगणना की बात की जा रही है, मैं जातीय जनगणना के साथ खड़ा हूं, लेकिन इसमें मुसलमानो को भी जात की श्रेणी में रखना चाहिए। क्योंकि ये लोग भी फायदा लेते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को बिहार से निकाला जाए।
गिरिराज सिंह ने कहा कि जातीय जनगणना में 11 जिलों को 1991 में राजेंद्र यादव और राजेंद्र यादव ने पटीशन दिया था कि जो लोग विदेशी हैं, उनके नाम को मतदाता सूचि से नाम काटे गए थे। आज भी उन्हें जातिगत जनगणना में शामिल नहीं करना चाहिए। घुसपैठियों को जातीय जनगणना से हटाना चाहिए। देश में अल्पसंख्यक पर पुनर्विचार करना चाहिए।