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Bihar Topper Success Story: नाना के निधन से टूटा मन, फिर भी नहीं हारी हिम्मत, गया की निशु बनी बिहार टॉपर

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट रिजल्ट 2026 में गया की निशु कुमारी ने आर्ट्स संकाय में टॉप कर इतिहास रच दिया। 479 अंक हासिल कर उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया, उनकी सफलता मेहनत और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी है।

Bihar Topper Success Story: नाना के निधन से टूटा मन, फिर भी नहीं हारी हिम्मत, गया की निशु बनी बिहार टॉपर
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Topper Success Story: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद इस बार भी छात्राओं का दबदबा देखने को मिला है। कुल सफल परीक्षार्थियों में लड़कियों का प्रतिशत लड़कों से अधिक रहा। इसी बीच गया जिले की रहने वाली निशु कुमारी ने आर्ट्स संकाय में राज्य टॉपर बनकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।


निशु कुमारी ने 500 अंकों में से 479 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। वह गया जिले के खिजरसराय स्थित यशवंत प्लस टू उच्च विद्यालय की छात्रा रही हैं। परिणाम घोषित होने के बाद उनके विद्यालय में उनका भव्य स्वागत किया गया। साथ ही उनके घर पर बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। एक साधारण किसान परिवार से आने वाली निशु ने अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।


निशु की सफलता के पीछे कड़ी मेहनत के साथ-साथ संघर्ष की भी एक बड़ी कहानी है। उन्होंने बताया कि परीक्षा शुरू होने से करीब 20 दिन पहले उनके नाना का निधन हो गया था। परिवार में मामा नहीं होने के कारण उनकी मां और पिता को ही सारे क्रियाकर्म की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। इस दौरान निशु भी अपने नाना को श्रद्धांजलि देने के लिए जहानाबाद गई थीं।


हालांकि, बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के कारण उन्होंने उसी दिन भारी मन से वापस गया लौटने का फैसला किया। उनकी मां चाहती थीं कि वह कुछ दिन और रुक जाए, लेकिन निशु ने अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई को प्राथमिकता दी।


निशु बताती हैं कि इस घटना के बाद उनका मन काफी विचलित हो गया था। पढ़ाई में ध्यान लगाना मुश्किल हो रहा था और बार-बार मन भटक जाता था। कई बार ऐसा लगा कि वह ठीक से तैयारी नहीं कर पाएंगी। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और अपने लक्ष्य को याद किया। उन्होंने ठान लिया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्हें अपने सपने को पूरा करना है।


निशु की इस सफलता से उनके विद्यालय में खुशी का माहौल है। शिक्षक और छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित हैं और उनकी उपलब्धि को प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। उनके शिक्षकों का कहना है कि निशु शुरू से ही मेहनती और अनुशासित छात्रा रही हैं।