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NSMCH बिहटा में दो दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी वर्कशॉप का शुभारंभ, MD-MS 2025 बैच के विद्यार्थियों के लिए आयोजन

Patna News: एनएसएमसीएच बिहटा में एमडी/एमएस 2025 बैच के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी वर्कशॉप का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में रिसर्च एथिक्स, वैज्ञानिक लेखन और शोध पद्धति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।

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Mukesh Srivastava
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Patna News: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के क्लिनिकल रिसर्च एथिक्स कमिटी (सी-आर-ई-सी) द्वारा एमडी/एमएस 2025 बैच के विद्यार्थियों के लिए आयोजित दो दिवसीय “रिसर्च मेथडोलॉजी वर्कशॉप” का शुभारंभ आज दिनांक 07-05-2026 को हुआ। यह कार्यशाला आगामी दो दिनों तक चलेगी, जिसमें विद्यार्थियों को शोध पद्धति, रिसर्च एथिक्स तथा वैज्ञानिक लेखन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी जाएंगी।


कार्यक्रम का उद्घाटन कृष्ण मुरारी, प्रबंध निदेशक, एनएसएमसीएच, बिहटा, डॉ. वीणा कुमारी, प्रोफेसर, एम्स, पटना, प्रो. (डॉ.) हरिहर दीक्षित, प्राचार्य, एनएसएमसीएच, प्रो. (डॉ.) संजय कुमार, डीन, एनएसएमसीएच, डॉ. स्वर्णिमा सिंह, लैब निदेशक एवं सचिव, सीआरईसी, प्रो. (डॉ.) अरविंद प्रसाद, संयुक्त निदेशक, प्रो. (डॉ.) अशोक शरण, एचआर निदेशक तथा प्रो. (डॉ.) उदय नारायण सिंह, चिकित्सा अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।


इस अवसर पर कृष्ण मुरारी, प्रबंध निदेशक, एनएसएमसीएच, बिहटा ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा शिक्षा में रिसर्च की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा विद्यार्थियों को शोध के प्रति प्रारंभ से ही प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करती हैं।


डॉ. वीणा कुमारी, प्रोफेसर, एम्स, पटना ने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को रिसर्च एथिक्स का पालन करते हुए समाजोपयोगी शोध कार्य करने के लिए प्रेरित किया।


प्रो प्रो. (डॉ.) हरिहर दीक्षित, प्राचार्य, एनएसएमसीएच ने कहा कि मेडिकल विद्यार्थियों के लिए रिसर्च मेथडोलॉजी की समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के अकादमिक एवं शोध कौशल को और मजबूत करेगी।


डॉ. स्वर्णिमा सिंह, लैब निदेशक एवं सचिव, सीआरईसी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को रिसर्च की मूलभूत अवधारणाओं, एथिकल प्रोटोकॉल एवं रिसर्च डिजाइन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सीआरईसी निरंतर ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्यों, चिकित्सकों एवं एमडी/एमएस विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता