ब्रेकिंग
जमुई की घटना को लेकर जन सुराज ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल, आरोपियों पर कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित छात्र-छात्रा की सुरक्षा की मांगमधुबनी में ननिहाल आए 6 साल के बच्चे की मौत, मामी पर हत्या का आरोप; बोरे में मिला शवतेजप्रताप यादव की अलमारी में 20 लाख रूपये कैश कहां से आये? हाईकोर्ट में उठा सवाल, पूर्व पीए मोतीलाल यादव की गिरफ्तारी पर लगी रोक बिहार के भूमिहीन परिवारों को मिलेगा वासभूमि का पर्चा, 22 सितंबर से सभी पंचायतों में लगेंगे विशेष शिविरमुजफ्फरपुर में 27 लाख की बैंक डकैती मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्मानाजमुई की घटना को लेकर जन सुराज ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल, आरोपियों पर कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित छात्र-छात्रा की सुरक्षा की मांगमधुबनी में ननिहाल आए 6 साल के बच्चे की मौत, मामी पर हत्या का आरोप; बोरे में मिला शवतेजप्रताप यादव की अलमारी में 20 लाख रूपये कैश कहां से आये? हाईकोर्ट में उठा सवाल, पूर्व पीए मोतीलाल यादव की गिरफ्तारी पर लगी रोक बिहार के भूमिहीन परिवारों को मिलेगा वासभूमि का पर्चा, 22 सितंबर से सभी पंचायतों में लगेंगे विशेष शिविरमुजफ्फरपुर में 27 लाख की बैंक डकैती मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना

मुंगेर की खुशी पांडेय बनी इंटरमीडिएट 2026 जिला टॉपर, हासिल किए 93.60% अंक

मुंगेर जिले की खुशी पांडेय ने इंटरमीडिएट 2026 में 93.60% अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनकर इतिहास रचा। किसान परिवार की बेटी ने अपनी मेहनत और लगन से जिले का नाम रोशन किया।

बिहार न्यूज
घर में खुशी का माहौल
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUNGER: मुंगेर में एक किसान की बेटी ने इंटरमीडिएट 2026 परीक्षा में इतिहास रच दिया है। खुशी पांडेय ने 93.60 प्रतिशत अंक लाकर पूरे जिले में ओवरऑल टॉप किया है। खास बात यह है कि इस साल टॉप-10 में लड़कियों का दबदबा देखने को मिला है।


मुंगेर जिले के बासुदेवपुर की रहने वाले पिता सचिदानंद पांडेय और माता मीना देवी की पांच बच्चों में सबसे छोटी बेटी खुशी पांडेय ने कला संकाय में 93.60 प्रतिशत अंक हासिल कर ओवरऑल जिला टॉपर बनी है। इस साल इंटर रिजल्ट में जिले के टॉप-10 में 7 स्थानों पर लड़कियों ने कब्जा जमाया है। विज्ञान संकाय में साक्षी कुमारी और वाणिज्य में पंकज कुमार ने भी पहला स्थान हासिल किया है। 


साधारण किसान परिवार से आने वाली खुशी ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। खुशी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मानव भारतीय नेशनल स्कूल बासुदेवपुर से की, जबकि मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई चंद्रशेखर बालिका +2 विद्यालय बासुदेवपुर से पूरी की। तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटी खुशी के पिता किसान हैं और मां गृहिणी हैं। 


सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उसकी पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया। खुशी पांडेय ने बताया कि मैं आगे चलकर संस्कृत की शिक्षक बनना चाहती हूं। हमारे स्कूल में संस्कृत शिक्षक नहीं थे, इसलिए मैंने ठान लिया कि मैं खुद शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ाऊंगी।


 खुशी पांडेय की यह सफलता ना सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे मुंगेर जिले के लिए गर्व की बात है। पिता सचिदानंद पांडेय और भाई अंकित ने बताया कि खुशी बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज है।  बिहार दिवस में भाग लेने वह पटना भी गई थी । उनका बस यही चाह है कि उनके सभी बच्चे शिक्षित हो जाए । किसानी करके वे अपने सभी बच्चों को शिक्षित कर रहे है। 

टैग्स