Bihar Crime News : बिहार के वैशाली जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। छठ महापर्व की तैयारियों के बीच एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। लालगंज थाना क्षेत्र के इतवारपुर गांव में छठ का चूल्हा बनाने के लिए मिट्टी लाने गईं दो बच्चियां अचानक मिट्टी के ढेर में दब गईं। इस हादसे में एक बच्ची की जान चली गई, जबकि दूसरी बच्ची किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रही। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और मृत बच्ची के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हादसा उस वक्त हुआ, जब दोनों बच्चियां घर में छठ पूजा की तैयारियों के लिए मिट्टी लेने निकली थीं। उन्हें क्या पता था कि जिस मिट्टी से वे छठी मैया के लिए चूल्हा बनाने जा रही हैं, वही मिट्टी उनकी जिंदगी में इतना बड़ा दुख लेकर आएगी।
छठ का चूल्हा बनाने के लिए गई थीं दोनों बच्चियां
मिली जानकारी के मुताबिक, घटना लालगंज थाना क्षेत्र के युसूफपुर पंचायत के इतवारपुर गांव की है। गांव के रहने वाले बबन सहनी की बेटी रीना कुमारी और छोटन सहनी की बेटी प्रियांश कुमारी छठ पूजा के लिए चूल्हा बनाने के उद्देश्य से मिट्टी लाने गई थीं। दोनों बच्चियां मिट्टी काट रही थीं। इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे धंस गया। देखते ही देखते दोनों बच्चियां मिट्टी के मलबे में दब गईं। अचानक हुए इस हादसे से दोनों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
हालांकि, इस दौरान प्रियांश कुमारी किसी तरह मिट्टी के अंदर से बाहर निकलने में सफल रही, लेकिन रीना कुमारी मिट्टी में ही दबकर रह गई। अपनी आंखों के सामने हुए इस हादसे से प्रियांश घबरा गई। इसके बाद उसने किसी तरह गांव पहुंचकर लोगों को घटना की जानकारी दी।
बच्ची की सूचना पर दौड़े ग्रामीण, मिट्टी हटाकर निकाला बाहर
प्रियांश से हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सभी को उम्मीद थी कि रीना को जल्द से जल्द मिट्टी से बाहर निकालकर उसकी जान बचाई जा सकती है।इसके बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए मिट्टी हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद रीना को मिट्टी के नीचे से बाहर निकाला गया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस सूचना के बाद परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बेटी को परिवार छठ पर्व की तैयारियों में खुश देखना चाहता था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। गांव में भी शोक का माहौल बन गया।
एक बच्ची की मौत, दूसरी की हालत ठीक
इस हादसे में मिट्टी से बाहर निकलने में सफल रही दूसरी बच्ची प्रियांश कुमारी भी घायल हो गई। घटना के बाद उसे आनन-फानन में इलाज के लिए एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक, फिलहाल उसकी स्थिति ठीक बताई जा रही है।हालांकि, हादसे के बाद प्रियांश भी काफी सहमी हुई है। अचानक मिट्टी धंसने और अपनी साथी को उसमें दबते देखने की घटना ने गांव के लोगों को झकझोर दिया है।
पुलिस को मिली घटना की जानकारी, पोस्टमार्टम से परिजनों का इनकार
घटना की जानकारी मिलते ही लालगंज थाने की पुलिस भी मामले की जानकारी जुटाने में लग गई। लालगंज थानाध्यक्ष सुभाष कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली है। पुलिस की ओर से मृत बच्ची के परिजनों से संपर्क किया गया था। थानाध्यक्ष के मुताबिक, परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। ऐसे में पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
छठ की तैयारी के बीच गांव में पसरा मातम
छठ महापर्व बिहार के सबसे बड़े और आस्था से जुड़े त्योहारों में से एक है। इस पर्व में मिट्टी के चूल्हे का विशेष महत्व होता है। इसी पर व्रती महिलाएं प्रसाद तैयार करती हैं। लेकिन इस बार उसी चूल्हे के लिए मिट्टी लेने निकली रीना की जिंदगी का सफर खत्म हो गया।
जिस घर में छठ की तैयारियां होनी थीं, वहां अब मातम पसरा है। गांव के लोग भी इस हादसे से गमगीन हैं। एक छोटी-सी लापरवाही या अचानक हुआ हादसा किस तरह पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ सकता है, इतवारपुर की यह घटना इसकी दर्दनाक तस्वीर पेश करती है।





