1st Bihar Published by: Tahsin Ali Updated Dec 18, 2024, 6:24:59 PM
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PURNEA: पूर्णिया के बायसी में नदी के जलस्तर घटने के साथ ही एक बार फिर से कटाव तेज हो गया है। प्रखंड से गुजरने वाली महानंदा नदी से हो रहे कटाव ने पुरानागंज पंचायत के बीनटोला भीखनपुर वार्ड-5 के लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले 15 दिनों में यहां महानंदा नदी से भीषण कटाव हो रहा है। 15 दिन के अंदर नदी गांव के 200 फीट नज़दीक आ गई है। कटाव के कारण 16 घर नदी में समा गए हैं ।
इसके अलावा डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री संपर्क योजना के तहत बीनटोला से चटांगी हाट जाने वाली पीसीसी सड़क भी 100 मीटर से ज्यादा नदी में विलीन हो चुकी है। इस रफ्तार से नदी से कटाव हो रहा है। अगर समय रहते यहां कटाव रोधक कार्य नहीं करवाया गया तो बाकी सड़क भी नदी में समा जाएगी। इसके अलावा सौ से ज्यादा और घरों के साथ-साथ नल-जल योजना के तहत बने जलमीनार भी नदी में समा जाने की संभावना बनी हुई है।
ग्रामीण श्रवण महतो, ललन महतो, चंद्रेश्वरी महतो, दशरथ महतो, मसोमात सगीया देवी, फुलझड़ी देवी पार्वती देवी सरीखे दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में पिछले एक साल से महानंदा नदी से कटाव काफी ज्यादा हो रहा है। पिछले साल भी इस गांव में नदी के कटाव में कई घर नदी में विलीन हुए थे।
इस साल भी नदी कटाव के कारण बीते 15 दिन के अंदर 16 घर कटकर विलीन हो गए है। जिनमें महेश्वर महतो, बाबू लाल महतो, बीरछा महतो, देव महतो, सोनेलाल महतो, कमल महतो, रंगीला महतो, बेचू महतो, राजेश महतो, उदय चन्द्र महतो, मनोज महतो, रामदास महतो, राजेन्द्र महतो, त्रिवेणी महतो, भारत महतो और अर्जुन महतो का घर शामिल है। साथ ही साथ नदी कटाव के कारण से गांव में लगा बिजली पोल और मुख्यमंत्री पीसीसी सड़क नदी में विलीन हो गया है।
नदी कटाव से विस्थापित परिवार चटांगी हाट जाने वाली सड़क के किनारे दूसरों की जमीन में जैसे-तैसे अपना गुजर बसर कर रहे हैं। लोगों के पास रहने के लिए जमीन नहीं बची है, लेकिन आज तक किसी ने सुधि नहीं ली है। स्थानीय मुखिया ने भी किसी तरह की मदद से इंकार कर दिया। मुखिया ने कहा कि उनके पास कटाव को रोकने का कोई समाधान नहीं है। पिछले साल से नदी कटाव हो रहा लेकिन कटाव रोधक कार्य नहीं हुआ।
पूर्णिया के इस सुदूर इलाके में सौ से अधिक घरों पर खतरा मंडरा रहा है।बीनटोला भीखनपुर वार्ड 5 में महानंदा नदी से हो रहे कटाव को लेकर पुरानागंज पंचायत के मुखिया जबीह अहमद ने कहा कि लिखित आवेदन के बाद भी नहीं हुआ । कटाव रोधक कार्य के लिए आपदा विभाग से लेकर बायसी प्रशासन को लिखित आवेदन देकर कटाव रोधक कार्य करवाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन की टीम जांच के लिए पहुंची भी, लेकिन कटाव रोधक कार्य जांच तक ही सीमित रह गया।
आज तक कोई कार्य नहीं हुआ। नतीजा यह हुआ कि ग्रामीणों के घर के साथ-साथ सड़क भी नदी में कट कर विलीन हो गई है। प्रशासन को गांव का अस्तित्व बचाने के लिए जल्द से जल्द कटाव रोधक कार्य करवाना चाहिए। बायसी के अंचलाधिकारी गणेश पासवान ने कहा कि जिलास्तरीय बैठक में कटाव से वरीय अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जिला से टीम कटाव स्थल का निरीक्षण करने पहुंच रही है।


