कोरोना संकट में कुशवाहा ने जरूरतमंदों के लिए खोला घर का दरवाजा, गरीबों को रहने के साथ खाना भी खिलाएंगे

कोरोना संकट में कुशवाहा ने जरूरतमंदों के लिए खोला घर का दरवाजा, गरीबों को रहने के साथ खाना भी खिलाएंगे

VAISHALI : कोरोना संकट के बीच राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा फैसला करते हुए अपने घर का दरवाजा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए खोल दिया है। कुशवाहा ने वैशाली के महनार स्थित अपने पैतृक गांव के घर में जरूरतमंदों को रहने और खाने पीने की सुविधा दे रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि अगर कोई जरूरतमंद है.. भूखा है और उसके पास रहने का जगह नहीं तो मेरे घर के दरवाजे खुले हुए हैं। 


उपेंद्र कुशवाहा खुद लॉकडाउन में घर के अंदर रह रहे हैं लेकिन उन्होंने अब जरूरतमंदों के लिए यह नई पहल की है। इसके पहले कुशवाहा ने अपने जावज स्थित गांव में पुस्तकालय भवन का इस्तेमाल अस्पताल या राशन गोदाम के तौर पर करने की बात कही थी। उपेंद्र कुशवाहा लगातार कोरोना संकट के बीच फंसे बिहारियों के बारे में जानकारी भी साझा कर रहे हैं। 


राजस्थान के अलवर में फंसे बिहारी युवाओं को लेकर कुशवाहा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ जानकारी साझा की थी और मुश्किल में फंसे बिहारियों की मदद करने की अपील राजस्थान सरकार के अधिकारियों से की। कुशवाहा ने अपने पैतृक घर का एक हिस्सा प्रशासन को देने का भी ऑफर दे रखा है। कुशवाहा का कहना है कि अगर करो ना संकट से निपटने के लिए प्रशासन को किसी स्तर पर उनके तरफ से मदद की दरकार हो तो वह उसके लिए मुस्तैद हैं।