चिराग ने लोकसभा में उठाया छपरा शराबकांड का मुद्दा, बोले- बिहार में लागू हो राष्ट्रपति शासन

चिराग ने लोकसभा में उठाया छपरा शराबकांड का मुद्दा, बोले- बिहार में लागू हो राष्ट्रपति शासन

DELHI: छपरा में जहरीली शराब पीने से अबतक 80 से अधिक लोगों के मौत की बात सामने आ रही है हालांकि बिहार सरकार के आंकड़ों के मुताबिक कुल 38 लोगों की मौत शराबकांड में हुई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार मौत के आंकड़ों को छिपा रही है। शराबकांड की गूंज लोकसभा में भी सुनने को मिल रही है। जमुई से लोजपा(रामविलास) सांसद चिराग पासवान ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बिहार सरकार पर जोरदार हमला बोला। चिराग ने छपरा शराबकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।


चिराग ने संसद में कहा कि बिहार में जहरीली शराब से हत्याओं की श्रृंखला शुरू हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री और पूरा सरकारी तंत्र शराबकांड को दबाने की कोशिश में लगा हुआ है। सभी लोगों को इस बात की जानकारी है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद किस तरीके से शराब की बिक्री हो रही है। बावजूद इसके सरकार और महागठबंधन के नेताओं ने चुप्पी साध रखी है, ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि शराब के अवैध कारोबार में उनकी भी संलिप्तता है। उन्होंने सदन के माध्यम से केद्र सरकार से मांग की है कि सरकार छपरा शराबकांड की जांच सीबीआई से कराए और बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।


बता दें कि छपरा में जहरीली शराब पीने से अबतक 80 से अधिक लोगों के मौत हो चुकी है। विपक्षी दल नीतीश सरकार से जहरीली शराब के शिकार हुए लोगों के परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि वह शराब पीकर मरने वाले लोगों के परिवार की कोई सहायता नहीं करने जा रही है। विपक्ष का कहना है कि जब उत्पाद अधिनियम में मुआवजे का प्रावधान है तब सरकार मुआवजा देने से पीछे क्यों हट रही है। लोजपा(रामविलास) के सुप्रीमो चिराग पासवान इसे हत्या बता रहे हैं और इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं।