छठ की महिमा जानने नालंदा पहुंचे विदेशी मेहमान, बोले..जय छठी मईया

1st Bihar Published by: DEEPAK VISHWKARMA Updated Oct 30, 2022, 8:43:53 PM

छठ की महिमा जानने नालंदा पहुंचे विदेशी मेहमान, बोले..जय छठी मईया

- फ़ोटो

NALANDA: लोक आस्था का महापर्व छठ का आज तीसरा दिन है। आज अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया गया। छठ महापर्व की महिमा को जानने के लिए विदेशी पर्यटक भी स्पेन से बिहार के नालंदा जिले पहुंच गये। स्पेन के 12 सदस्यीय दल आज नालंदा के मोरा तालाब छठ घाट पहुंची थी जहां उन्होंने छठव्रती को अर्घ्य देते देखा और श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ को देख काफी खुश नजर आए। सभी ने एक सुर में कहा जय छठी मईया..


जिसके बाद छठ घाट पर मौजद अन्य श्रद्धालु भी जय छठी मईया कहने लगे। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। विदेशी पर्यटक ने इस दौरान छठ व्रतियों और छठ घाट आए श्रद्धालुओं के साथ सेल्फी भी ली। विदेशी पर्यटकों ने तमाम छठ व्रतियों को छठ महापर्व की बधाई और शुभकामनाएं। वहीं कई छठव्रतियों के पैर को छूकर उनसे आशीर्वाद भी लिया।


टीम के सदस्य रीच , पोलार्क , जोसफ ने बताया कि वे यूट्यूब पर छठ पर्व के महिमा को देखा करते थे। आज जब वे गया और राजगीर घूमने के लिए आ रहे थे तो इस दौरान मोरा तालाब छठ घाट भी पहुंच गये। यहां लोगों को छठ करते देख उनके मन में भी छठी मईया के प्रति अपार श्रद्धा दिखने लगी। उन्होंने बताया कि सच में छठ महापर्व को देख मन श्रद्धा से भर गया।


 छठव्रती 36 घंटे का उपवास रखकर भगवान सूर्य की आराधना करते हैं। जो अपने आप ही बड़ी बात है। भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा के कारण ही यह संभव है। छठ महापर्व की बहुत बड़ी  मान्यता है। अपने देश लौटने पर अन्य लोगों को भी इस महापर्व की वे चर्चा करेंगे। जिसका वो आज साक्षी बने हैं। छठ घाट पर पहुंचे विदेशी मेहमान के साथ सेल्फी लेने के लोगों में होड़ लग गयी। मोरा तालाब छठ घाट बुद्ध कालीन मानी जाती है । यहां सात घोड़ों पर सवार भगवान भास्कर की प्रतिमा स्थापित है । सावन माह में भी भारी संख्या में काँवरिया यहाँ आते है।