बिहार विधानसभा में भारी बवाल, बीजेपी विधायकों ने फेंकी कुर्सी, सदन की कार्यवाही स्थगित

बिहार विधानसभा में भारी बवाल, बीजेपी विधायकों ने फेंकी कुर्सी, सदन की कार्यवाही स्थगित

PATNA : बिहार में जहरीली शराब से छपरा जिले में अबतक 53 लोगों की जान जा चुकी है। इसको लेकर बिहार के सदन में संग्राम शुरू हो गया है। बीजेपी ने जहरीली शराब को लेकर सीएम से इस्तीफा की मांग कर  रहे थे। इस दौरान विपक्षी दलों के कई नेताओं के हाथ में पोस्टर लेकर सदन के अंदर हंगामा मचा रहे थे।  जिसके बाद विधानसभा के स्पीकर ने मार्शल बुलाकर इन विधायकों के पास से पोस्टर हटवाया। इसके बाद भी भाजपा के नेता नहीं मानें सदन की मर्यादा का उलंघन करते हुए फोटोग्राफी शुरू कर दी और टेबल और कुर्सी भी पटकना शुरू कर दिया। बीजेपी विधायक द्वारा रिपोटिंग टेबल पर कुर्सी  देकना शुरू कर दिया गया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 


बता दें कि, बिहार में इन दिनों विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चल रहा है। इस सत्र में भाजपा द्वारा राज्य में पिछले तीन दिनों से जहरीली शराब से 53 लोगों की हुई मौत को लेकर सरकार को घेरा जा रहा है। भाजपा का कहना है कि, इस मामले में सरकार की लापरवाही है और इसको लेकर बिहार के मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगना चाहिए। इसके साथ ही मृतक परिजनों को जीवन - यापन के लिए मुआबजा देने का एलान करना चाहिए। इसी मांग को लेकर आज सदन में जो लोग बेल में पहुंचकर हंगामा करने लगे इस दौरान वो लोग पोस्टर भी लहराने लगे और रिपोटिंग टेबल पर कुसरी फेंकने लगे।  जिसके बाद आनन - फानन में सदन को 12 बजे दोपहर के लिए स्थगित कर दिया गया। 


भाजपा नेता का कहना है कि, विधानसभा में स्पीकर गूंगा -बहरा हो गए है। यह प्रोक्सी स्पीकर है। ये तेजस्वी और नीतीश के इशारे पर सदन चला रहे हैं। इनके भगवान एक मात्र लालू यादव हैं। लेकिन, उनको यह समझना चाहिए कि यह राजद का ऑफिस नहीं है बल्कि विधानसभा है। ये स्पीकर सदन में विधायकों को छोड़ कर नीतीश- तेजस्वी के तरफ देखते है और उनके इशारे पर सदन चलाते हैं। 


गौरतलब हो कि, बिहार के छपरा में ज़िले के इसुआपुर थाना क्षेत्र में जहरीली शराब से 53 लोगों मौतें हो गई है। एक साथ 53 लोगों की मौत से सनसनी फैल गई है। बिहार में चल रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान इस मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। खुद सीएम नीतीश इस मामले को लेकर भाजपा के ऊपर जमकर बरसे हैं।